
नई दिल्ली, 22 जून (हि.स)। अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में हुई शांति वार्ता के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को गिरावट दर्ज हुई है। क्रूड ऑयल की सप्लाई में रुकावट की आशंका कम होने और ईरान के तेल निर्यात बढ़ने की उम्मीद के चलते कच्चे तेल की कीमतें 3 फीसदी तक की गिरावट आई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज कारोबार के दौरान अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का भाव 0.94 डॉलर यानी 1.17 फीसदी की गिरावट के साथ 79.63 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेंड कर रहा है। शुरुआत कारोबार में यह 82 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया था। अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड अभी 0.11 डॉलर यानी 0.15 फीसदी की तेजी के साथ 75.96 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई यह गिरावट भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए राहत की बात है, लेकिन कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद पेट्रोल और डीजल के दामों में तुरंत कमी की संभावना कम है। इसकी वजह यह है कि तेल कंपनियां पहले अपनी लागत और पुराने नुकसान की भरपाई करेंगी। वैश्विक बाजार की नजर पश्चिम एशिया के हालात और कच्चे तेल की आपूर्ति पर रहेगी, क्योंकि आगे की दिशा भी इसी पर निर्भर करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर