(लीड) दिल्ली के धीरपुर में 1,668 करोड़ की लागत से बनेगा आंबेडकर विश्वविद्यालय का नया कैंपस

24 Jun 2026 20:25:56
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बुधवार को व्यय वित्त समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए


नई दिल्ली, 24 जून (हि.स.)। दिल्ली सरकार ने उत्तरी दिल्ली के धीरपुर में डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली (एयूडी) के अत्याधुनिक नए कैंपस के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस कैंपस को लगभग 1,668 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित दिल्ली सरकार की व्यय वित्त समिति की बैठक में इसकी मंजूरी दी गई। बैठक में दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, शिक्षा मंत्री आशीष सूद सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। परियोजना के क्रियान्वयन से संबंधित आगे की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं अब दिल्ली सरकार का लोक निर्माण विभाग आगे बढ़ाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा किसी भी विकसित समाज की सबसे मजबूत नींव होती है और दिल्ली सरकार युवाओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। धीरपुर में विकसित होने वाला नया अंबेडकर विश्वविद्यालय परिसर न केवल उच्च शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली की क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि आधुनिक, समावेशी और टिकाऊ शैक्षणिक वातावरण का नया मानक भी स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 20 हेक्टेयर (50 एकड़) क्षेत्र में विकसित किए जाने वाले इस अत्याधुनिक परिसर को चरणबद्ध तरीके से लगभग 8,000 विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। परियोजना के प्रथम चरण में 5,400 विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही 840 विद्यार्थियों के लिए छात्रावास सुविधाएं और शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि नए कैंपस में आधुनिक शैक्षणिक ब्लॉक, केंद्रीय पुस्तकालय, प्रशासनिक भवन, छात्र सुविधाएं, 2,500 सीटों की क्षमता वाला भव्य सभागार, स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर और पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह परिसर विद्यार्थियों को आधुनिक, समावेशी और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कैंपस शिक्षा और सतत विकास के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण होगा। परिसर को जीआरआईएचए 5-स्टार रेटिंग के अनुरूप विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके अंतर्गत सौर एवं भू-तापीय ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण और जल संरक्षण एवं प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना को दिल्ली शहरी कला आयोग (डीयूएसी) और दिल्ली अग्निशमन सेवा सहित आवश्यक प्रमुख वैधानिक अनुमतियां पहले ही प्राप्त हो चुकी हैं, जिससे इसके क्रियान्वयन का मार्ग और अधिक सुगम हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्वीकृति दिल्ली में उच्च शिक्षा के विस्तार और उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल नए शैक्षणिक भवन बनाना नहीं, बल्कि ऐसे संस्थान विकसित करना है जो विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा, शोध, नवाचार और व्यक्तित्व विकास के अवसर प्रदान करें। धीरपुर में विकसित होने वाला यह नया परिसर विद्यार्थियों को आधुनिक, समावेशी और टिकाऊ शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराएगा तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए बेहतर ढंग से तैयार करेगा। दिल्ली सरकार शिक्षा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है ताकि राजधानी का प्रत्येक युवा अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ सके तथा दिल्ली देश के अग्रणी ज्ञान और शिक्षा केंद्र के रूप में अपनी पहचान को और सशक्त बना सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

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