
नई दिल्ली, 24 जून (हि.स)। ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस फ्लिपकार्ट की क्विक कॉमर्स सेवा फ्लिपकार्ट मिनट्स ने अपनी लॉन्चिंग के दो साल से भी कम समय में एक हजार माइक्रो फुलफिलमेंट सेंटर स्थापित करने की उपलब्धि हासिल की है। अगस्त 2024 में लॉन्चिंग के बाद से यह नेटवर्क अब 130 से अधिक शहरों और 8 हजार से ज्यादा पिनकोड तक पहुंच चुका है। नेटवर्क विस्तार के बाद प्लेटफॉर्म पर ऑर्डर्स में पांच गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
फ्लिपकार्ट ग्रुप में सप्लाई चेन, एआई ट्रांसफॉर्मेशन, न्यू बिजनेस, कस्टमर एक्सपीरियंस और रीकॉमर्स के एसवीपी एवं प्रमुख हेमंत बद्री ने कहा, “1,000 माइक्रो फुलफिलमेंट सेंटर तक पहुंचना हमारी यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन इससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि यह भारत में क्विक कॉमर्स को लेकर उपभोक्ताओं की बढ़ती स्वीकार्यता और बदलते रुझानों को दर्शाता है। हमें भारत के उभरते बाजारों में मजबूत गति देखने को मिल रही है, जो हमारे इस विश्वास को और मजबूत करती है कि क्विक कॉमर्स के विकास का अगला चरण व्यापक पहुंच, अधिक विकल्पों और बेहतर उपलब्धता से संचालित होगा। टियर-2 और टियर-3 बाजारों में पिछले वर्ष की तुलना में 42 गुना वृद्धि दर्ज की गई है और हमने फ्लिपकार्ट मिनट्स नेटवर्क में 90 नए शहरों को जोड़ा है। जैसे-जैसे हम अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं, हमारा ध्यान ग्राहकों, ब्रांड्स, विक्रेताओं, किसानों और डिलीवरी पार्टनर्स के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने हेतु आवश्यक बुनियादी ढांचे और इकोसिस्टम के निर्माण पर बना हुआ है।”
फ्लिपकार्ट मिनट्स के प्रमुख (एसवीपी) कुणाल गुप्ता ने कहा, “दैनिक जरूरतों की वस्तुओं की त्वरित डिलीवरी के रूप में शुरू हुई यह सेवा आज लाखों भारतीयों की खरीदारी की आदतों में एक बड़ा बदलाव लेकर आई है। ग्राहक केवल अधिक ऑर्डर नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनकी खरीदारी का तरीका भी बदल रहा है। फलों और सब्जियों की औसत ऑर्डर वैल्यू में 30% की वृद्धि हुई है, दोबारा खरीदारी (रिपीट परचेज) बढ़ी है और मांग अब किराना सामान से आगे बढ़कर इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्यूटी, वेलनेस और लाइफस्टाइल जैसी श्रेणियों तक पहुंच गई है। पिछले वर्ष की तुलना में ऑर्डर वॉल्यूम में 5 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। यह उपलब्धि सिर्फ बुनियादी ढांचे के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के लाखों भारतीय परिवारों के लिए सुविधा की परिभाषा को नए सिरे से गढ़ने का प्रतीक है।”
पिछले एक वर्ष में फ्लिपकार्ट मिनट्स ने 90 से अधिक नए शहरों में अपनी सेवाओं का विस्तार किया है। अंबाला, आरा, बोकारो, दरभंगा, जोरहाट, ओंगोल, पूर्णिया, सहरसा और तेनाली जैसे शहरों से मांग में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली है। टियर-2 और टियर-3 बाजारों में पिछले वर्ष की तुलना में 42 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। मेट्रो शहरों में गहरी पैठ और उभरते बाजारों में तेज विस्तार की यह दोहरी गति दर्शाती है कि फ्लिपकार्ट मिनट्स एक क्षेत्र की कीमत पर दूसरे क्षेत्र में वृद्धि नहीं कर रहा, बल्कि एक साथ अपनी पहुंच और उपभोक्ता स्वीकार्यता दोनों का विस्तार कर रहा है।
जेन-ज़ेड फ्लिपकार्ट मिनट्स का सबसे तेजी से बढ़ने वाला ग्राहक वर्ग बनकर उभरा है और यह पहले ही कुल ग्राहक आधार में 40 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी रखता है। यह वर्ग दैनिक जरूरतों के सामान के साथ-साथ नई उत्पाद श्रेणियों में भी लगातार और बार-बार खरीदारी कर रहा है, जिससे ग्राहकों की वफादारी (लॉयल्टी) भी बढ़ रही है। यह पीढ़ी क्विक कॉमर्स को पारंपरिक किराना खरीदारी के पूरक के रूप में नहीं, बल्कि ऑन-डिमांड शॉपिंग की एक नई आदत के रूप में अपना रही है। ब्यूटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, वेलनेस और लाइफस्टाइल जैसी श्रेणियों में उनकी बढ़ती भागीदारी क्विक कॉमर्स की परिभाषा को नए सिरे से गढ़ रही है। जेन-ज़ेड की यही बदलती खरीदारी प्रवृत्ति इस क्षेत्र को उसकी पारंपरिक किराना-केंद्रित पहचान से आगे ले जाकर व्यापक रिटेल प्लेटफॉर्म में बदल रही है।
फ्लिपकार्ट मिनट्स पर उपभोक्ताओं की भागीदारी प्लेटफॉर्म के उत्पाद श्रेणियों के विस्तार के साथ लगातार बढ़ी है। फलों और सब्जियों की औसत ऑर्डर वैल्यू में 30 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि दोबारा खरीदारी (रिपीट परचेज) में 20 फीसदी से अधिक बढ़ोतरी हुई है। इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्यूटी और वेलनेस सहित 120 से अधिक नई श्रेणियों में बढ़ती मांग यह दर्शाती है कि उपभोक्ता अब अपनी विभिन्न जरूरतों और खरीदारी के अधिक अवसरों के लिए फ्लिपकार्ट मिनट्स का उपयोग कर रहे हैं। यह रुझान बताता है कि क्विक कॉमर्स अब केवल किराना सामान तक सीमित नहीं है, बल्कि तेजी से एक व्यापक और बहु-श्रेणी (मल्टी-कैटेगरी) शॉपिंग प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित हो रहा है।
फ्लिपकार्ट मिनट्स ने सोर्सिंग, वेयरहाउसिंग, संचालन (ऑपरेशंस) और लास्ट-माइल डिलीवरी जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं। यह प्लेटफॉर्म करीब 500 डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर ब्रांड्स के साथ काम करता है, जिससे उन्हें हाइपरलोकल मांग तक पहुंच बनाने और देशभर में नए ग्राहक वर्गों तक अपने उत्पाद पहुंचाने में मदद मिल रही है। अपने ‘समर्थ कृषि’ कार्यक्रम के तहत फ्लिपकार्ट मिनट्स ने 3,000 से अधिक किसानों को सशक्त बनाया है। यह पहल फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशंस (एफपीओ) और फार्म-टू-डोर फुलफिलमेंट मॉडल के माध्यम से किसानों को सीधे उपभोक्ता बाजारों से जोड़ती है। इससे कृषि उत्पादकों को बेहतर बाजार पहुंच मिलने के साथ-साथ पूरी वैल्यू चेन में सप्लाई चेन की पारदर्शिता भी मजबूत हुई है।
ग्रीन डिलीवरी की ओर बढ़ते कदम-
फ्लिपकार्ट ने पिछले एक वर्ष में अपने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बेड़े को दोगुना कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप अब 10 फीसदी से अधिक डिलीवरी ग्रीन माध्यमों से की जा रही हैं। इस अवधि के दौरान 20 फीसदी ग्राहकों ने पुन: उपयोग योग्य (रीयूजेबल) बैग चुनने का विकल्प अपनाया। इसके अलावा, रूट ऑप्टिमाइजेशन और परिचालन दक्षता बढ़ाने जैसी पहलों के साथ मिलकर ये प्रयास क्विक कॉमर्स डिलीवरी के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में मदद कर रहे हैं। जैसे-जैसे फ्लिपकार्ट मिनट्स नेटवर्क का विस्तार कर रहा है, ये पहलें अधिक टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल डिलीवरी इकोसिस्टम के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। 130 से अधिक शहरों और 8,000 से ज्यादा पिनकोड तक नेटवर्क विस्तार के साथ ऑर्डर्स में सालाना आधार पर 5 गुना वृद्धि दर्ज की गई। नए शहरों और स्टोर्स के विस्तार के दम पर टियर-2 और टियर-3 बाजार पिछले वर्ष की तुलना में 42 गुना वृद्धि के साथ विकास को गति दे रहे हैं। जेन-ज़ेड ग्राहक वर्ग सबसे तेजी से बढ़ने वाला उपभोक्ता समूह बनकर उभरा है, क्योंकि क्विक कॉमर्स अब दैनिक जरूरतों से आगे बढ़कर 250 से अधिक उत्पाद श्रेणियों तक पहुंच चुका है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर