रूस तक पहुंची हिन्दुस्थान समाचार की पहचान, आपातकाल का दमन झेलकर भी नहीं रुकी : मार्डीकर

24 Jun 2026 19:50:54
हिन्दुस्थान समाचार के अध्यक्ष अरविंद मर्डीकर सभा को संबोधित करते हुए


पटना, 24 जून (हि.स.)। हिन्दुस्थान समाचार समूह के अध्यक्ष अरविंद भालचंद्र मार्डीकर ने बुधवार को कहा कि भारतीय भाषाओं की पत्रकारिता को समर्पित हिन्दुस्थान समाचार आज राष्ट्रीय सीमाओं से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

अरविंद मार्डीकर पटना के मीठापुर इंस्टीट्यूशनल एरिया में हिन्दुस्थान समाचार की ओर से आयोजित इमरजेंसी के 50 साल : बिहार आंदोलन और आपातकाल विषयक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि रूस की समाचार एजेंसी स्पूतनिक के साथ सहयोग समझौता हुआ है, जिसके माध्यम से दोनों देशों के बीच समाचारों और सूचनाओं का आदान-प्रदान हो रहा है। आने वाले समय में अन्य देशों की प्रमुख समाचार एजेंसियों के साथ भी सहयोग बढ़ाने की योजना है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में हिन्दुस्थान समाचार 15 भारतीय भाषाओं में समाचार सेवाएं प्रदान कर रहा है और देशभर के अनेक समाचार पत्र, डिजिटल मंच तथा प्रसार भारती इसकी सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अरविंद मार्डीकर ने कहा कि 1948 में दादासाहब आपटे ने देश के प्रत्येक नागरिक तक उसकी मातृभाषा में सही और प्रामाणिक समाचार पहुंचाने के उद्देश्य से हिन्दुस्थान समाचार की स्थापना की थी। स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर के आग्रह पर मुंबई से इसकी शुरुआत हुई और बाद में इसे सहकारी संस्था का स्वरूप दिया गया। उन्होंने कहा कि बहुभाषी पत्रकारिता की जिस अवधारणा के साथ इसकी नींव रखी गई थी, आज भी संस्था उसी मूल विचार के साथ कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि हिन्दुस्थान समाचार ने हमेशा सत्य और तथ्य को प्राथमिकता दी। वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान भी एजेंसी ने वास्तविक स्थिति को जनता के सामने रखा। भारतीय भाषाओं में समाचार प्रसारण को गति देने के लिए देवनागरी टेलीप्रिंटर जैसी ऐतिहासिक पहल की गई।

मार्डीकर ने कहा कि 1975 के आपातकाल के दौरान एजेंसी पर भारी सरकारी दबाव डाला गया। उसे कमजोर करने और बंद कराने की कोशिश हुई। विभिन्न प्रतिबंधों और संघर्षों के बीच 1983 में इसका संचालन स्थगित करना पड़ा, लेकिन संस्था का अस्तित्व समाप्त नहीं हुआ।

उन्होंने बताया कि दिल्ली हाई कोर्ट में चली कानूनी लड़ाई के बाद 1998 में आए फैसले ने हिन्दुस्थान समाचार को नया जीवन दिया और वर्ष 2000 में इसका पुनरुद्धार हुआ। बाद के वर्षों में संस्था ने तेजी से विस्तार किया। वर्ष 2016 में आरके सिन्हा के नेतृत्व को निर्णायक बताते हुए उन्होंने कहा कि उस समय उनके प्रयासों से संस्था को नई ऊर्जा मिली और उसका अस्तित्व सुरक्षित रह सका।

मार्डीकर ने कहा कि हिन्दुस्थान समाचार अब तकनीक के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। संवाददाताओं के लिए मोबाइल ऐप विकसित किया गया है और पूरा न्यूज प्रोसेसिंग सिस्टम क्लाउड आधारित है। एआई, भाषिणी और फैक्ट-चेकिंग तकनीकों के उपयोग पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में कार्यालय में आग लगने की घटना के बावजूद समाचार सेवा एक क्षण के लिए भी बाधित नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि लगभग 80 वर्षों के इतिहास में पहली बार हिन्दुस्थान समाचार ने दिल्ली के पंचकुइयां रोड स्थित क्षेत्र में अपना स्थायी कार्यालय खरीदा है, जहां 27 जून को स्थानांतरण किया जाएगा। तमाम संघर्षों और उतार-चढ़ाव के बावजूद हिन्दुस्थान समाचार अपने मूल्यों के साथ आगे बढ़ रहा है। संस्था पक्षधर हो सकती है, लेकिन कभी पक्षपाती नहीं रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

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