क्ले क्राफ्ट ने आईपीओ निवेशकों को किया खुश, लिस्टिंग के बाद लगा अपर सर्किट

युगवार्ता    24-Jun-2026
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प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 24 जून (हि.स.)। बोन चाइना क्रॉकरी का उत्पादन करने वाली कंपनी क्ले क्राफ्ट इंडिया के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने मामूली बढ़त के साथ एंट्री की। हालांकि, लिस्टिंग के बाद हुई खरीदारी से कंपनी के आईपीओ निवेशक खुश हो गए। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 203 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 3.94 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 211 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद हुई लिवाली के कारण कंपनी के शेयरों के भाव में तेजी का रुख बन गया। थोड़ी देर में ही ये शेयर 221.55 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों प्रति शेयर 18.55 रुपये यानी 9.14 प्रतिशत का फायदा हो गया।

क्ले क्राफ्ट इंडिया का 110.11 करोड़ रुपये का आईपीओ 17 से 19 जून के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 103.06 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 119.19 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 153.95 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 71.76 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 54.24 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

क्ले क्राफ्ट इंडिया की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी को 20.76 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 27.01 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2024-25 में इसे 154.44 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 184.57 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी पर 47.75 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 49.98 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2024-25 में ये 134 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2025-26 में बढ़ कर 150.92 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2024-25 में 35.39 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2025-26 में बढ़ कर 41.96 करोड़ रुपये हो गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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