
नई दिल्ली, 24 जून (हि.स)। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 6.6 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। एजेंसी ने कहा कि ऊर्जा की कमी, सामान्य से कम मानसून और वैश्विक वृद्धि में सुस्ती के कारण आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट आएगी।
एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने बुधवार को जारी अपनी एक रिपोर्ट में 31 मार्च, 2027 को समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष 2026-27 में देश की जीडीपी वृद्धि दर घटकर 6.6 फीसदी पर रहने का अनुमान जताया। भारत की आर्थिक वृद्धि दर इससे पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7 फीसदी और वित्त वर्ष 2024-25 में 7.1 फीसदी रही थी।
रेटिंग्स एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल का वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वृद्धि का अनुमान रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के 6.6 फीसदी के अनुमान के अनुरूप है। एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम एशिया में संघर्ष से पैदा हुए ऊर्जा संकट का असर दिख रहा है। उद्योग को कच्चे माल की लागत और आपूर्तिकर्ता के डिलिवरी समय में काफी बढ़ोतरी का सामना करना पड़ रहा है। एसएंडपी ग्लोबल ने कहा कि बढ़ती महंगाई लोगों की खरीद क्षमता को कम कर रही है। इससे वृद्धि पर असर पड़ रहा है।
एसएंडपी ने कहा कि भारत में तीसरी तिमाही में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित महंगाई 0.5 से 0.6 फीसदी अधिक होगी और चालू वित्त वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर 5.1 फीसदी हो जाएगी। इसका कारण विनिर्माता ऊर्जा की बढ़ी हुई लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर डाल रहे हैं। साथ ही हाल ही में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक वृद्धि दर 6.6 फीसदी का अनुमान जताया है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर