
कोलकाता, 25 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम ढहने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि अब तक मलबे से 29 लोगों को बाहर निकाला गया है। इनमें नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 लोग अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को विधानसभा में घटना का पूरा ब्यौरा देते हुए कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं, घायलों को एक लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु के अनुसार, उपचाराधीन 20 लोगों में 15 की स्थिति स्थिर है। चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जबकि एक व्यक्ति की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और सेना के जवान लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। बचाव दलों ने आशंका जताई है कि मलबे में अभी कुछ और लोग फंसे हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन घायलों की स्थिति बातचीत करने लायक थी, उनसे हादसे के संबंध में जानकारी ली गई है। उन्होंने कहा कि मृतकों के जीवन की भरपाई किसी आर्थिक सहायता से नहीं की जा सकती, लेकिन सरकार पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहयोग देगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी हादसे पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृत श्रमिकों के परिजनों के लिए दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
विधानसभा में शुभेंदु अधिकारी ने हादसे को लेकर पूर्ववर्ती सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के कारण कोलकाता को असुरक्षित बना दिया गया। मुख्यमंत्री ने गार्डनरीच हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और सेना को नहीं बुलाया गया था तथा भारी लोहे के बीम काटने के लिए पर्याप्त आधुनिक मशीनें भी उपलब्ध नहीं थीं।
मुख्यमंत्री शुभेंदु ने दावा किया कि तारातला गोदाम के निर्माण से जुड़े दस्तावेजों में नगर निगम के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मामले में किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने एक व्यक्ति काली का भी नाम लिया, जिसे उन्होंने नगर निगम के पूर्व मेयर का निजी सहायक बताया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि नगर निगम में भवन निर्माण योजनाओं की स्वीकृति में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और मामले की जांच जारी है।
ये हादसा बुधवार दोपहर को हुआ था। तब निर्माणाधीन गोदाम की छत ढह गई थी और कई मजदूर नीचे दब गए थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर