भारत की एकता, अखंडता और अक्षुण्णता राष्ट्रभक्त लोकतंत्र सेनानियों की देन : माेहन यादव

26 Jun 2026 19:47:53
लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री


लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में कप्तान सिंह सोलंकी का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री


लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में सेनानियों से मुलाकात करते हुए मुख्यमंत्री


लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री


- स्पेशल ट्रेन से लोकतंत्र सेनानियों को तीर्थ दर्शन कराएगी सरकार, मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में की अनेक घोषणाएं

भोपाल, 26 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के लिए अपना खून-पसीना बहाया, अमानवीय अत्याचार सहे और अनेक लोगों ने अपने प्राणों की आहुति तक दे दी। हम सभी भारतवासी इन लोकतंत्र सेनानियों का ऋण कभी नहीं चुका पाएंगे। आज देश की एकता, विविधता, अखंडता और अक्षुण्णता इन्हीं साहसी, समर्पित एवं राष्ट्रनिष्ठ कर्मवीरों की ही देन है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को लोकतंत्र सेनानी स्मृति दिवस के अवसर पर रवीन्द्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के प्रादेशिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्र हित से बढ़कर कुछ भी नहीं है। राष्ट्र हित में ही सबका हित निहित है। सशक्त लोकतंत्र ही भारत राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है, जिसने देश को वैश्विक पटल पर एक विशिष्ट और सम्मानजनक पहचान दिलाई है।

मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए कठिन से कठिन यातनाएं सहने वाले वीर लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का अमूल्य स्रोत है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जावरा, जिला रतलाम निवासी 96 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी लक्ष्मी नारायण पाटीदार और 95 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी शांतिलाल संघवी सहित आपातकाल के दौरान प्रमुख भूमिका में रहे पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता का शील्ड प्रदान कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने प्रादेशिक सम्मेलन में आए सभी लोकतंत्र सेनानियों पर पुष्प-वर्षा कर उनका स्वागत-सम्मान किया। सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदे मातरम् गायन के साथ हुआ। सम्मेलन में देश में आपातकाल पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने आपातकाल पर केंद्रित चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

लोकतंत्र सेनानियों के हित में की घोषणाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में घोषणा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में लोकतंत्र सेनानियों के लिए स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था कर उन्हें तीर्थ दर्शन कराया जायेगा। इनके लिए शासकीय रेस्ट हाउस में 2 दिन तक रूकने की व्यवस्था भी की जाएगी। दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर शिलालेख लिखवाये जाएंगे एवं उनके गांव, कस्बे, नगर या निवास क्षेत्र के समीप मौजूद सार्वजनिक भवनों, पार्क एवं रोड आदि का नाम भी इनके नाम पर रखा जाएगा।

लोकतंत्र सेनानियों के इलाज का सारा खर्चा सरकार उठाएगी

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि लोकतंत्र सेनानियों के इलाज का सारा खर्चा अब सरकार उठाएगी। किसी लोकतंत्र सेनानी के बीमार पड़ने पर उन्हें उत्कृष्ट और बड़े स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने के लिए पीएमश्री एयर एंबुलेंस की नि:शुल्क सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी। उन्होंने कहा कि सभी लोकतंत्र सेनानियों को ताम्रपत्र दिया जाएगा। लोकतंत्र सेनानियों द्वारा अपने निवास के पते पर बदलाव होने पर उन्हें दी जा रही सम्मान निधि से संबंधित बैंक या शाखा बदलने की सुविधा भी दी जाएगी। किसी भी शासकीय कार्यालय में लोकतंत्र सेनानियों के पहुंचने पर संबंधित अधिकारी पूरे सम्मान और प्राथमिकता के साथ इनकी बात सुनेंगे तथा इनके सुझाव भी माने जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार आजादी की लड़ाई में स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर मातृभूमि की रक्षा की थी, उसी प्रकार आपातकाल के उस काले दौर में लोकतंत्र सेनानियों ने अनेक कष्ट सहकर मातृभूमि के मूल लोकतंत्र की रक्षा की। यदि लोकतंत्र सेनानी अपने लक्ष्य से अडिग, अटूट और दृढ़ संकल्पी न होते, तो भारत इतना मजबूत लोकतंत्र न होता। लोकतंत्र सेनानियों के अथक संघर्ष से ही हमारा लोकतंत्र सुरक्षित भी है और समृद्ध भी।

उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौर में लोकतंत्र सेनानियों के त्याग और समर्पण से ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसे सामान्य परिवार से आने वाले व्यक्ति को प्रधानमंत्री पद मिलता है। हमारे आपके जैसे सामान्य परिवार के कई लोगों को भी राज्यों में जनसेवा का अवसर मिल रहा है। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। हमें अपने देश में लोकतंत्र की मिसाल बनाए रखना है। लोकतंत्र में जनता का शासन, जनता के द्वारा, जनता के लिए होना चाहिए।

उन्हाेंने कहा कि आपातकाल के समय किसी को भी जेल में डाल दिया जाता था। एक प्रकार से देशभर में भय का वातावरण था। उन्होंने बताया कि उनके पिता भी 19 महीने तक जेल में रहे। तब लोकतंत्र सेनानियों पर जेलों में अनेकों अत्याचार किए गए। तत्कालीन सत्ताधीश चाहते थे कि जो लोग उनकी पार्टी में शामिल हो जाएंगे, उन्हें जेल से रिहा कर दिया जाएगा। आपातकाल लगाने वाले सत्ताधीशों ने एक ही परिवार को आगे बढ़ाने के लिए लोकतंत्र को कुचला था।

कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद कैलाश सोनी और वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. महेंद्र सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राज्यमंत्री कृष्णा गौर, विधायकगण रामेश्वर शर्मा व भगवान दास सबनानी, मध्य प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय संरक्षक मेघराज जैन, लोकतंत्र सेनानी अशोक पांडे व माखन सिंह चौहान, समाजसेवी राहुल कोठारी, रवीन्द्र यति, शिक्षाविद् सुधीर अग्रवाल सहित अनेक जन प्रतिनिधि, प्रदेश भर से आए लोकतंत्र सेनानी एवं आमजन उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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