उपराष्ट्रपति-प्रधानमंत्री ने मुहर्रम पर हजरत इमाम हुसैन को श्रद्धांजली अर्पित की

26 Jun 2026 14:31:53
हजरत इमाम हुसैन (एएस) का मकबरा (प्रतिकात्मक चित्र)।


नई दिल्ली, 26 जून (हि.स.)। मुहर्रम पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हजरत इमाम हुसैन (एएस) के कालजयी बलिदान तथा सत्य और न्याय के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को याद करते हुए आज उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर मुहर्रम के मौके पर हजरत इमाम हुसैन (एएस) की कुर्बानी को याद करते हुए कहा कि मुहर्रम हमें हिम्मत, कुर्बानी, दया और सच्चाई व न्याय के प्रति अटूट निष्ठा जैसे मूल्यों की याद दिलाता है। यह पवित्र अवसर समाज में भाईचारे, शांति और आपसी सम्मान के बंधन को मजबूत करने के लिए प्रेरित करता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने हजरत इमाम हुसैन (एएस) को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सत्य और न्याय के प्रति उनके शाश्वत बलिदान और अटूट प्रतिबद्धता को याद किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इमाम हुसैन का जीवन और शहादत साहस और दृढ़ विश्वास की शक्ति का एक शाश्वत उदाहरण है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन (एएस) का बलिदान आज भी अनेक लोगों को सत्य और न्याय की राह पर अडिग रहने के लिए प्रेरित करता है। यह साहस और दृढ़ विश्वास की अटूट शक्ति का भी स्मरण कराता है।

उल्लेखनीय है कि मुहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना होता है और इसके दसवें दिन को ‘आशूरा’ कहा जाता है। यह दिन 61 हिजरी (680 ईस्वी) में इराक के कर्बला में इमाम हुसैन इब्न अली और उनके साथियों की शहादत की याद दिलाता है। शिया मुस्लिम समुदाय के लिए यह दिन विशेष रूप से शोक का प्रतीक होता है, जबकि सुन्नी मुस्लिम इस दिन रोजा रखते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

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