बलोचिस्तान में पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने 17 विद्रोही मारे, 24 घंटे से बलपूर्वक उठाए जा रहे लोग

03 Jun 2026 14:18:53
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इस्लामाबाद, 03 जून (हि.स.)। बलोचिस्तान की राजधानी क्वेटा में 24 मई को लिंक ट्रेन पर हुए आत्मघाती हमले के बाद पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने विद्रोहियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई में 17 विद्रोही मारे गए हैं। पिछले 24 घंटों से शक के आधार पर लोगों को घरों से बलपूर्वक उठाया जा रहा है। यह दावा द बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट में किया गया है। मगर पाकिस्तान की सेना की जनसंपर्क शाखा इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने मारे गए विद्रोहियों को आतंकवादी करार दिया है।

जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार आईएसपीआर ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि बलोचिस्तान के मस्तुंग, नुश्की, ज़हरी, खुज़दार और केच में खुफिया आधारित सैन्य अभियान में 17 आतंकी मारे गए। आईएसपीआर ने आरोप लगाया है कि मारे गए आतंकवादी भारत समर्थित हैं। अभियान के दौरान इनके ठिकानों को नेस्तनाबूद कर बड़ी संख्या हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। बलोचिस्तान सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि क्वेटा में चमन रेल फाटक के पास धमाके में कम से कम 14 लोग मारे गए थे। इनमें फ्रंटियर कोर के तीन जवान भी शामिल थे।

द बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान की सेना का आजादी की मांग कर रहे संगठनों के खिलाफ मंगलवार को शुरू किया गया सैन्य अभियान अभी भी जारी है। इस अभियान में हजारों पैदल सैनिक, गनशिप और दूसरे हेलीकॉप्टर, आर्टिलरी और ड्रोन शामिल हैं। सुरक्षा बल जिला मस्तुंग, कलात, नुश्की, केच और खुजदार के कई हिस्सों को घेरे हुए हैं। इन जगहों पर मोबाइल इंटरनेट सेवा को रोक दिया गया है। अब तक 17 विद्रोहियों को मार गिराने का दावा किया गया है। कहा गया है कि इन ध्वस्त किए गए अड्डों से हथियार, विस्फोटक और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस भी बरामद हुए हैं।

बताया गया है कि इस दौरान सुरक्षा बलों ने बुलबुल जहरी इलाके में घरों पर छापा मारकर सरदार नसीर मुसयानी समेत कई लोगों को हिरासत में लिया और उन्हें किसी अनजान जगह पर भेज दिया गया है। बलोचिस्तान नेशनल पार्टी ने इस घटना के खिलाफ क्वेटा में आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। इसमें कहा गया कि खुजदार जिले के बुलबुल जहरी इलाके में स्वतंत्रता सेनानियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई।

झड़प के बाद 12 गाड़ियों में सवार सेना के जवान बलोचिस्तान नेशनल पार्टी सेंट्रल एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य, पूर्व जिला नाजिम खुजदार और मुसनी जनजाति के प्रमुख सरदार नसीर अहमद मुसयानी के घर पहुंचे। वहां से सरदार नसीर अहमद मुसयानी, उनके दो बच्चों मीर जहरी खान मुसयानी और मीर खलील अहमद मुसयानी और कई अन्य रिश्तेदारों को उठाकर बुलबुल क्रॉस स्कूल में बंद कर दिया गया। इस दौरान इन लोगों को साथ मारपीट भी की गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद

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