


बेंगलुरु, 03 जून (हि.स.)। कर्नाटक की राजनीति में बुधवार को एक नए अध्याय की शुरुआत हुई, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी.के. शिवकुमार ने राज्य के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। बेंगलुरु स्थित लोक भवन के ग्लास हाउस में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर देशभर के क ई प्रमुख राजनीतिक नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डी.के शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने पर शुभकामनाएं दीं।
वर्षों के राजनीतिक संघर्ष, संगठनात्मक नेतृत्व और लंबे इंतजार के बाद मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे डी.के. शिवकुमार ने संविधान की प्रति हाथ में लेकर गंगाधर अज्जैया के नाम पर शपथ ग्रहण की। शपथ लेने के बाद उन्होंने राज्य के समग्र विकास, सुशासन, सामाजिक न्याय और जनकल्याण को अपनी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
कर्नाटक की नई सरकार में वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. जी. परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर शपथ लेते हुए राज्य के दूसरे सर्वोच्च संवैधानिक पद की जिम्मेदारी संभाली। पार्टी नेतृत्व ने उनके प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक योगदान को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के साथ 12 मंत्रियों को भी शपथ दिलवाई गई। इनमें के.एच. मुनियप्पा, के.जे. जॉर्ज, एम.बी. पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायरेगौड़ा, प्रियंक खरगे, यू.टी. खादर, ईश्वर खंड्रे, डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया, बायरति सुरेश और डॉ. शरण प्रकाश पाटिल शामिल हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने अपने पहले मंत्रिमंडल में अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास किया है। एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के कार्यकाल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके वरिष्ठ नेताओं को दोबारा मौका दिया गया है, वहीं दूसरी ओर नए चेहरों को शामिल कर भविष्य के नेतृत्व को भी आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया है।
मंत्रिमंडल में शामिल प्रमुख नामों में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष यू.टी. खादर तथा पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पुत्र एवं विधान परिषद सदस्य डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया विशेष रूप से चर्चा में हैं। यतींद्र सिद्धारमैया को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को कांग्रेस की नई पीढ़ी को नेतृत्व में आगे लाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
शपथ ग्रहण समारोह कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन का भी मंच बना। समारोह में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला और एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। इसके अलावा विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी नई सरकार को शुभकामनाएं दीं।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी डी.के. शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद संभालने पर बधाई दी। सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि केंद्र सरकार कर्नाटक के लोगों के कल्याण, विकास और प्रगति के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य करती रहेगी।
राजनीति के जानकारों का मानना है कि राज्य में नई सरकार के गठन के साथ ही अब जनता और राजनीतिक हलकों की निगाहें मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और उनकी टीम की आगामी प्राथमिकताओं पर टिक गई हैं। राज्य में निवेश, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे के विकास, सामाजिक न्याय और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सरकार से बड़ी अपेक्षाएं हैं। --------------
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश एम.बी.