
रायपुर, 30 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरिया जिले के कटगोड़ी नौगई ट्रिपल मर्डर केस की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस सम्बन्ध में गृह विभाग द्वारा मंगलवार को इसकी अधिसूचना (नोटिफिकेशन) भी जारी कर दी गई।
छत्तीसगढ़ के गृह विभाग ने दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 की धारा-6 के तहत अपनी आधिकारिक सहमति (अधिसूचना) जारी की है। इसके तहत सोनहत थाने में दर्ज दोनों एफआईआर की जांच का अधिकार क्षेत्र अब सीधे तौर पर सीबीआई को सौंप दिया गया है।
वर्ष 2023 में साय सरकार बनने के बाद यह दूसरा मामला है, जिसकी सीबीआई जांच की सिफारिश की गई है। इससे पहले पीएससी घोटाले की जांच की सीबीआई को सौंपी जा चुकी है।
उल्लेखनीय है कि यह वारदात 16 जून 2026 की रात को सोनहत-नौगई गांव में हुई थी। इस हमले में भाजपा नेता भरत सिंह (लल्ला सिंह), नागेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह की मौत हो गई थी। आज उनकी तेरहवीं का कार्यक्रम भी था। आज डिप्टी सीएम गृह विजय शर्मा ने मृतकों के परिजनों से बात की थी।
शुरुआती जांच के अनुसार, यह पूरा विवाद रेत तस्करी/कारोबार और पुरानी रंजिश से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। आरोपितों ने पीड़ितों की फॉर्च्यूनर कार को एक टिपर ट्रक से टक्कर मारकर रोका और फिर गाड़ी में आग लगाकर उन्हें जिंदा जला दिया।
इस तिहरे हत्याकांड के बाद छत्तीसगढ़ में भारी राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी और आरोप लगाया था कि आरोपितों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, इसलिए यह एक बड़ा षड्यंत्र है। पीड़ित परिजनों, करणी सेना प्रमुख और स्थानीय समाज द्वारा लगातार निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही थी।
राज्य पुलिस इस मामले में सभी 09 नामजद आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन अब कागजी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद केस पूरी तरह की सी बीआई को सौंप दिया जायेगा दिया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा