जयपुर में 1-2 जुलाई को होगी 29वीं राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस कॉन्फ्रेंस

30 Jun 2026 19:58:53
पत्रकार वार्ता में राज्य के मुख्य सचिव व अन्य


जयपुर, 30 जून (हि.स.)। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में 1 और 2 जुलाई को 29वीं राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस कॉन्फ्रेंस होगी, जिसमें देशभर के नीति-निर्माता, प्रशासनिक अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, शिक्षाविद, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत के प्रतिनिधि डिजिटल सुशासन के भविष्य पर मंथन करेंगे। ‘विकसित भारत 2047 : एआई सक्षम, डेटा संचालित एवं सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस’ थीम पर इस सम्मेलन में 2,700 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।

राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम सुशासन’ के विजन को साकार करने में डिजिटल गवर्नेंस एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। प्रौद्योगिकी के माध्यम से सरकारी सेवाओं की पहुंच, गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा नागरिकों और शासन के बीच की दूरी लगातार कम हुई है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में डिजिटल गवर्नेंस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से आयोजित यह सम्मेलन देशभर के नीति-निर्माताओं, प्रशासनिक अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा, जहां भविष्य की एआई सक्षम, डेटा संचालित और सुरक्षित डिजिटल शासन व्यवस्था पर व्यापक विचार-विमर्श होगा।

मुख्य सचिव ने बताया कि सम्मेलन का आयोजन भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। इस वर्ष सम्मेलन की थीम ‘विकसित भारत 2047 : एआई सक्षम, डेटा संचालित एवं सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस’ रखी गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के अतिरिक्त सचिव पुनीत यादव, सरिता चौहान, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के शासन सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर तथा आयुक्त हिमांशु गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने बताया कि सम्मेलन का उद्घाटन 1 जुलाई को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे। इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ भी उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रदर्शनी का शुभारंभ किया जाएगा तथा विभिन्न जनउपयोगी डिजिटल सेवाओं का लोकार्पण होगा। उन्होंने बताया कि 2 जुलाई को आयोजित समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के मुख्य आतिथ्य में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार-2026 प्रदान किए जाएंगे।

सम्मेलन में 2,700 से अधिक प्रतिनिधि, 200 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वक्ता, 400 से अधिक शिक्षाविद, 1,100 से अधिक स्टार्टअप्स एवं उद्यमी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि तथा शोधकर्ता भाग लेंगे। दो दिवसीय आयोजन में छह प्लेनरी और छह ब्रेकआउट सत्र आयोजित होंगे, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित गवर्नेंस, सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना, स्मार्ट पुलिसिंग, सार्वजनिक सुरक्षा, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली और डीप टेक जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

कॉन्फ्रेंस परिसर में 42 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां केंद्र और विभिन्न राज्यों के डिजिटल नवाचारों के साथ राजस्थान सरकार की प्रमुख ई-गवर्नेंस परियोजनियों का प्रदर्शन किया जाएगा। सम्मेलन के दौरान डिजिटल सुशासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों और परियोजनाओं को 16 राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार तथा एक विशेष जूरी पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा। सम्मेलन के अंतर्गत आईएसबी हैदराबाद के सहयोग से ‘राजस्थान एआई बिल्डर्स पिच-ए-थॉन’ का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें करीब 1,700 स्टार्टअप्स ने भागीदारी दर्ज कराई है। चयनित स्टार्टअप्स को पुरस्कार राशि के साथ विशेष मेंटरशिप एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ भी दिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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