तेजा इंजीनियरिंग का आईपीओ खुला, 7 जुलाई को हो सकती है लिस्टिंग

30 Jun 2026 15:09:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 30 जून (हि.स.)। ऑयल एंड गैस सेक्टर के लिए सर्विस देने वाली कंपनी तेजा इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज का 37.36 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में दो जुलाई तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद तीन जुलाई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि छह जुलाई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर सात जुलाई को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। पहले दिन दोपहर तीन बजे तक ये आईपीओ सिर्फ एक प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 220 रुपये प्रति शेयर का मूल्य तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 600 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 1,200 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,64,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 16.98 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं।

इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 47.49 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए भी 47.49 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.02 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए इंटरैक्टिव फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं बीएन राठी सिक्योरिटीज लिमिटेड और एसवीसीएम सिक्योरिटीज प्रा.लि. कंपनी के मार्केट मेकर हैं।

तेजा इंजीनियरिंग की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 1.27 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2.16 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 4.02 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को चार करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 24.58 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 31.62 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में छलांग लगा कर 55.23 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 54.32 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 6.74 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 7.09 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में कम होकर 12.85 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 17.36 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 3.80 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 6.65 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 12.61 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 16.63 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी उतार चढ़ाव के बावजूद बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 2.70 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में घट कर 2.23 करोड़ रुपये हो गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 7.95 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 11.96 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 2.79 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 3.74 करोड़ रुपये और 2024-25 में 6.86 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 7.07 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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