
नागपुर, 04 जुन (हि.स.)। वैश्विक स्तर पर आर्थिक और तकनीकी चुनौतियों के बावजूद वर्तमान समय भारत के लिए स्वर्णिम अवसरों का काल है और यह भारत का युग है, ऐसा विश्वास उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला ने व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता केवल एक आर्थिक नीति नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का मजबूत आधार है। साथ ही युवाओं से उद्यमिता की ओर बढ़ने और भारत में रहकर दुनिया के लिए उत्पाद बनाने का आह्वान किया।
नागपुर मे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग(द्वितीय) के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिड़ला ने कहा कि सदियों की गुलामी के कारण देश का आत्मविश्वास कमजोर पड़ गया था लेकिन आज भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और वैश्विक महाशक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में तेल की बढ़ती कीमतों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी तकनीकी क्रांतियों ने विश्व अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है, फिर भी भारत के लिए यह अमृतकाल का समय है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक प्राकृतिक आपदाओं और अन्य संकटों के समय समाज और देश के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं। संघ के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उन्होंने सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की भावना को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
उद्योगों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बिड़ला ने कहा कि मजबूत उद्योग किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार होते हैं। कंपनियों को केवल व्यावसायिक लाभ तक सीमित न रहकर राष्ट्रीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर कार्य करना चाहिए। सामाजिक उत्थान, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
सिमेंट उद्योग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सिमेंट उत्पादक देश है। सड़कें, घर, स्कूल और कारखानों जैसी आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में सिमेंट की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि अल्ट्राटेक सिमेंट की उत्पादन क्षमता 60 मिलियन टन से बढ़कर 200 मिलियन टन तक पहुंच गई है।
वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में आदित्य बिड़ला कैपिटल के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश के आम नागरिकों तक वित्तीय सेवाएं पहुंचाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और ऋण वितरण में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
युवाओं को संबोधित करते हुए बिड़ला ने कहा, भारत में रहकर दुनिया के लिए उत्पादन कीजिए। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी के सामने जितने अवसर उपलब्ध हैं, उतने पहले कभी नहीं थे। बिजनेस बिल्डिंग से नेशन बिल्डिंग होती है, यह कहते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले दस वर्षों में भारत अभूतपूर्व प्रगति करेगा।
उन्होंने कहा कि अमृतकाल भारत के पुनर्निर्माण का अवसर है और देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सभी वर्गों को मिलकर योगदान देना होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुलकर्णी