बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए पवन सिंह समेत भाजपा के चार उम्मीदवार घोषित

05 Jun 2026 19:56:53
भाजपा द्वारा जारी सूची


पटना, 05 जून (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए अपने चार उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने इस बार संगठन, सामाजिक प्रतिनिधित्व और जनाधार को ध्यान में रखते हुए विभिन्न वर्गों से आने वाले नेताओं को उम्मीदवार बनाया है। घोषित उम्मीदवारों में भोजपुरी फिल्मों के लोकप्रिय अभिनेता और गायक पवन सिंह, डॉ. संजय मयूख, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित शामिल हैं।

भोजपुरी सिनेमा के चर्चित अभिनेता और गायक पवन सिंह लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे हैं और विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाते रहे हैं। पार्टी ने उन्हें विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवार बनाकर उनके जनाधार और लोकप्रियता पर भरोसा जताया है। माना जा रहा है कि उनकी उम्मीदवारी से विशेष रूप से भोजपुरी भाषी क्षेत्रों और युवा मतदाताओं के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी डॉ. संजय मयूख को एक बार फिर पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है। वे लगातार दो कार्यकाल से बिहार विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं। संगठनात्मक कार्यों, मीडिया प्रबंधन और राजनीतिक रणनीति में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए पार्टी ने उन पर पुनः विश्वास जताया है। कायस्थ समाज से आने वाले डॉ. मयूख की पहचान एक प्रभावशाली वक्ता और संगठन के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में रही है।

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल कुमार ठाकुर भी पार्टी के घोषित उम्मीदवारों में शामिल हैं। पूर्णिया क्षेत्र से आने वाले अनिल ठाकुर लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे हैं और प्रदेश मंत्री सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। नाई (ठाकुर) समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले अनिल ठाकुर की उम्मीदवारी को संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और कार्यशैली का सम्मान माना जा रहा है।

भाजपा ने महिला नेतृत्व को बढ़ावा देते हुए शीला पंडित को भी उम्मीदवार बनाया है। प्रजापति समाज से आने वाली शीला पंडित वर्तमान में बाल संरक्षण आयोग की सदस्य हैं। इसके अलावा वे भाजपा संगठन में भी विभिन्न पदों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। उनकी उम्मीदवारी को महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समावेशिता की दिशा में पार्टी के प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने उम्मीदवार चयन में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा है। राजपूत, कायस्थ, नाई (ठाकुर) और प्रजापति समाज से उम्मीदवार उतारकर पार्टी ने विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का संदेश दिया है।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुरभित दत्त

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