स्वदेशी संसाधनों से जुड़े ऐसे विकल्प गढ़ने होंगे जो संकट के समय हमारी अर्थव्यवस्था को गतिमान रखें : राजनाथ सिंह

05 Jun 2026 21:48:53
रामभद्राचार्य से आशीर्वाद लेते राजनाथ सिंह


पौधारोपण करते राजनाथ सिंह


लखनऊ,05 जून (हि.स.)। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लखनऊ में बायो युग की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमें अपनी ज़मीन, अपने किसान, अपने संसाधन और अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा से ही,ऐसे विकल्प गढ़ने होंगे,जो संकट के समय भी, हमारी अर्थव्यवस्था को गतिमान रखें।

रक्षामंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष,पहलगाम के कायराना हमले के बाद, हमारी तीनों सेनाओं ने मिलकर 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम दिया। हमने पाकिस्तान में स्थित आतंकी ढाँचे पर,सटीक प्रहार करके, उसे ध्वस्त कर दिया। हमने आतंकियों को और उनके सरपरस्तों को, दोनों को नेस्तनाबूत कर दिया। हम ऐसा इसलिए कर पाए,क्योंकि हमारा मनोबल ऊँचा था। हमारे पास स्वदेशी हथियार थे। हम दूसरे देशों पर निर्भर नहीं थे। यही सामर्थ्य हमें ऊर्जा,ईंधन और तकनीक के क्षेत्र में भी अर्जित करना है और हम यह करके रहेंगे, ऐसा मेरा विश्वास है।

उन्होंने कहा कि सारी चीज़ें केवल पर्यावरण बचाओ के नारे तक सीमित नहीं हैं। बल्कि ये आत्मनिर्भर भारत की वह मज़बूत आधारशिला हैं, जिस पर खड़े होकर हम किसी भी बाहरी दबाव का डटकर सामना कर सकते हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि जब हम आत्मनिर्भरता की बात करते हैं, तो यहीं पर पर्यावरण की बात आती है, यहीं पर जैव ईंधन, जैव सामग्री और जैव अर्थव्यवस्था की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। जब हम अपने गन्ने, अपनी फसलों, अपने जैविक कचरे से, संसाधन बनाएँगे, तो हम अपने सुरक्षा कवच को भी मज़बूत करेंगे और अपने पर्यावरण को भी बचाएँगे। यानी पर्यावरण के प्रति अपने दायित्वों को निभाते हुए, हम आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकते हैं।

उन्होंने कहा पर्यावरण से संबंधित पहल, सिर्फ स्वच्छता से ही संबंधित नहीं हैं। बल्कि इस तरह के काम जो हैं, वह हमारी सेनाओं का भी मनोबल बढ़ाते हैं। जब हमारी छावनी क्षेत्र स्वच्छ होते हैं, वहां बीमारियां कम होती हैं, तो वहां समृद्धि आती है और हमारे सैनिकों का मनोबल बढ़ता है। यही आत्मनिर्भरता,हमें राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर मज़बूत बनाए रखती है। हम यह समझते हैं, कि, ‘जो देश अपने खेतों से ऊर्जा पैदा करता है, उसे दुनिया की ताकतें कभी झुका नहीं सकती हैं’।

यह परिवर्तन डबल इंजन सरकार, यानि हमारे प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मजबूत नेतृत्व का परिणाम है। आज उत्तर प्रदेश बदल चुका है। गन्ने के मूल्य में अच्छी बढ़ोतरी की गई है और जैव अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। ‘बाहुबली युग’ से आगे बढ़कर, आज ‘बायोयुग’ की बात हो रही है। हमें अपने ऊर्जा स्रोत को विविधता करना होगा। अपनी घरेलू क्षमता का निर्माण करना होगा। ऐसी आपूर्ति श्रृंखला खड़ी करनी होगी,जो स्वदेशी संसाधनों से जुड़ी हो।

इस कार्यक्रम के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विधायक नीरज बोरा की ओर से आयोजित श्री राम कथा में शामिल हुए। राजनाथ सिंह ने जगतगुरु रामभद्राचार्य का कथा में आशीर्वाद लिया। इससे पहले कैंट क्षेत्र में राजनाथ सिंह ने पौधा रोपण भी किया।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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