एनएसडी में डारियो फ़ो के नाटक ‘श्रीमान चोर?’ अंतिम प्रदर्शन मंगलवार को

08 Jun 2026 14:05:53
एनएसडी के कलाकार।


नई दिल्ली, 08 जून (हि.स.)। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) के द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों की ओर से अभिनीत नाटक “श्रीमान चोर?” का अंतिम प्रदर्शन मंगलवार को होगा।

एनएसडी के अनुसार नोबेल पुरस्कार विजेता एवं इतालवी नाटककार डारियो फ़ो के कालजयी नाटक 'द वर्चुअस बर्गलर' के इस हिन्दी रूपांतरण को दर्शकों की भारी सराहना मिल रही है। इस रंग-प्रस्तुति का रूपांतरण, संगीत परिकल्पना एवं निर्देशन रंगकर्मी इश्तियाक ख़ान की ओर से किया गया है।

यह नाटक एक ऐसे चोर की कहानी है जो चोरी के इरादे से एक अमीर आदमी के घर में घुसता है, लेकिन इसके बाद शुरू होता है गलतफहमियों और अप्रत्याशित घटनाओं का एक ऐसा सिलसिला जो दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर देता है। घर के मालिक का अपनी प्रेमिका के साथ आना, फिर उसकी पत्नी, चोर की अपनी पत्नी और अन्य किरदारों के अचानक प्रवेश से मंच पर एक हास्यास्पद अराजकता पैदा हो जाती है।

यह नाटक न केवल मनोरंजन करता है बल्कि वैवाहिक बेवफाई, सामाजिक पाखंड और उच्च वर्ग के दोगलेपन पर करारा व्यंग्य भी करता है। नाटक बेहद खूबसूरती से दिखाता है कि कैसे समाज के तथाकथित 'सभ्य' लोग अपने रहस्यों को छुपाने के लिए छटपटाते हैं जबकि एक साधारण चोर की स्पष्टवादिता उनके सामने एक आईना रख देती है।

नाटक की सफलता में नेपथ्य (बैकस्टेज) की टीम का भी विशेष योगदान रहा है। प्रस्तुति को निखारने में कई कलाकारों ने अपनी मुख्य भूमिका निभाई। इनमें नाटक की वेशभूषा परिकल्पना दीपांकर पॉल द्वारा की गई है। ध्वनि परिकल्पना सैंडी सिंह ने तैयार की है जबकि प्रकाश परिकल्पना दिव्यांग श्रीवास्तव ने की है। मंच सज्जा का दायित्व श्रद्धा विश्वास एवं निलोय डे ने संभाला है।

एनएसडी की सतत रंग गतिविधियों के अंतर्गत प्रस्तुत इस नाटक का अंतिम प्रदर्शन 9 जून को शाम करीब 7:00 बजे दिल्ली के मंडी हाउस स्थित अभिमंच सभागार में होगा। दर्शकों के लिए इस दिन प्रवेश निःशुल्क है।

-----------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

Powered By Sangraha 9.0