
काठमांडू, 08 जून (हि.स.)। आरएसपी अध्यक्ष रवि लामिछाने ने संकेत दिया है कि प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए संसद में उपस्थित नहीं होंगे। इसके नेपाल के सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी और विपक्षी दलों के बीच सोमवार को हुई वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
बैठक में शामिल नेताओं के अनुसार लामिछाने ने विपक्षी दलों को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नेपाल की सीमा संबंधी विवादित टिप्पणियों पर स्पष्टीकरण देने के लिए सदन में नहीं आएंगे। इसके बजाय उन्होंने प्रस्ताव रखा कि वे स्वयं और विदेश मंत्री शिशिर खनाल के संसद में उपस्थित होकर विपक्ष की चिंताओं का जवाब दे सकते हैं। विपक्षी नेताओं ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। उनका कहना था कि जिस बयान को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है, उस पर स्पष्टीकरण केवल प्रधानमंत्री ही दे सकते हैं।
सीपीएन-यूएमएल के मुख्य सचेतक ऐन बहादुर महर ने कहा कि विपक्षी दलों ने बैठक में स्पष्ट कर दिया है कि जब तक प्रधानमंत्री स्वयं संसद में उपस्थित होकर जवाब नहीं देते, तब तक सदन का अवरोध जारी रहेगा। दोनों पक्षों के अपने-अपने रुख पर कायम रहने के कारण सर्वदलीय बैठक बिना किसी सहमति के समाप्त हो गई और संसदीय गतिरोध बरकरार रहा। विपक्षी दलों ने दोहराया है कि प्रधानमंत्री के सदन में आकर जवाब देने तक वे संसद की कार्यवाही बाधित करते रहेंगे। सत्तारूढ़ पक्ष ने संकेत दिया है कि सरकार इस विवाद पर जवाब देने के लिए रास्वपा अध्यक्ष रवि लामिछाने और विदेश मंत्री शिशिर खनाल पर निर्भर रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास