विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका अहम : उपसभापति हरिवंश

युगवार्ता    08-Jun-2026
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राष्ट्रमंडल संसदीय संघ इंडिया रीजन का जोन-2 सम्मेलन


- सीपीए उत्तर क्षेत्रीय सम्मेलन का हुआ शुभारंभ

- संसदीय लोकतंत्र को सशक्त बनाने पर होगा मंथन

चंडीगढ़, 08 जून (हि.स.)। राष्ट्रमंडल संसदीय संघ इंडिया रीजन का जोन-2 सम्मेलन का सोमवार को चंडीगढ़ में शुभारंभ हुआ। दस जून तक आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सांसद, विधायक एवं विधान मंडलों के अधिकारी भाग ले रहे हैं। सम्मेलन के दौरान संसदीय परंपराओं, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, जनप्रतिनिधियों की भूमिका तथा जनहित से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की प्राप्ति में जागरूक समाज और जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के उस दूरदर्शी प्रयास की सराहना की, जिसके तहत पहली बार सीपीए इंडिया को नौ जोनों में विभाजित कर संसदीय संवाद को अधिक सक्रिय, नियमित और व्यवस्थित बनाया गया है।

हरिवंश ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब देश के सभी क्षेत्रों का संतुलित एवं समावेशी विकास सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर क्षेत्र के राज्यों का इस लक्ष्य की प्राप्ति में विशेष योगदान है। पंजाब-हरियाणा देश के कुल गेहूं उत्पादन में लगभग एक-चौथाई योगदान देकर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के मजबूत स्तंभ बने हुए हैं। देश के कुल भू-भाग का मात्र 1.3 प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद हरियाणा राष्ट्रीय जीडीपी में 3.6 प्रतिशत का योगदान दे रहा है।

उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा राज्य को ‘1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ बनाने के लक्ष्य तथा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 2000 करोड़ रुपये के फंड के साथ स्थापित देश के पहले ‘डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर’ की विशेष रूप से सराहना की।

उन्होंने कहा कि समाज और विधायकों को मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, पराली प्रबंधन, जल संकट तथा तीव्र शहरीकरण जैसी उभरती चुनौतियों का सामना साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण (एविडेंस-बेस्ड पॉलिसीमेकिंग) और विशेषज्ञों के साथ निरंतर संवाद के माध्यम से करना होगा।

उन्होंने कहा कि हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली तथा जम्मू-कश्मीर जैसे राज्य और केंद्रशासित प्रदेश विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन क्षेत्रों ने कृषि, उद्योग, सेवा क्षेत्र, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और खेलों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में जागरूक समाज और जनप्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के बीच संवाद, सहयोग और अनुभवों का आदान-प्रदान ही सुशासन और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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