

- बच्चों ने देखा ग्रहों का महामिलन, टेलिस्कोप के एक ही फ्रेम में नजर आए शुक्र-बृहस्पति
भोपाल, 09 जून (हि.स.)। पश्चिमी आकाश में मंगलवार की शाम खगोल विज्ञान का एक बेहद दुर्लभ नजारा देखने को मिला, जब सौरमंडल के दो सबसे चमकदार ग्रह- शुक्र यानी वीनस और बृहस्पति यानी जुपिटर की एक-दूसरे के बेहद करीब आकर टेलीस्कोप के एक ही फ्रेम में समा गए। ब्रह्मांड के अद्भुत नजारे को बच्चों को 10-इंच के न्यूटोनियन टेलिस्कोप से निहारा।
मप्र की नेशनल अवार्ड प्राप्त खगोल विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने कंजक्शन की इस अद्भुत खगोलीय घटना को बच्चों तक पहुंचाने के लिए एक विशेष स्टारगेजिंग कार्यक्रम का आयोजन किया था। कार्यक्रम में अत्याधुनिक 10-इंच न्यूटोनियन रिफ्लेक्टर टेलिस्कोप की मदद से बच्चों को एक ही फ्रेम में दोनो ग्रहों का कंजक्शन दिखाया गया।
इसमें माइनस 3.98 मैग्नीट्यूड से चमकता हुआ चमकीला शुक्र और उसके ठीक बगल में माइनस 1.85 मैग्नीट्यूड की पीली चमक के साथ विशालकाय बृहस्पति ग्रह एक साथ दिखाई दे रहे थे। इसके साथ ही बृहस्पति के चारों प्रसिद्ध गैलीलियन चंद्रमा - आयो, यूरोपा, गैनिमेड और कैलिस्टो भी चमकते नजर आए।
इस अवसर पर विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि दिखने में भले ही ये दोनों ग्रह एक-दूसरे को छूते हुए महसूस हो रहे थे, लेकिन यह केवल एक दृष्टिभ्रम या ऑप्टिकल इल्यूजन था। जुपिटर जहां पृथ्वी से लगभग 90 करोड़ 41 लाख किलोमीटर दूर था तो वीनस मात्र 17 करोड़ 92 लाख किमी दूर था, लेकिन आज पृथ्वी से देखते समय हमारी दृष्टि रेखा में एक सीध में आ जाने के कारण इनका कोणीय अंतर या एंगुलर डिस्टेंस मात्र 1.5 डिग्री रह गया है, जिससे यह अनोखा नजारा संभव हो सका। कंजक्शन की इस घटना को बिना टेलिस्कोप की मदद के भी देखा जा सकता था।
सारिका ने बताया कि शुक्र और बृहस्पति की अगला दिखाई देने वाला स्पष्ट कंजक्शन अब 10 नवंबर 2028 को होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर