गांदरबल, 09 जून (हि.स.)। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को जोजिला सुरंग के निर्माण को भारत के अवसंरचना इतिहास का 'स्वर्ण अध्याय' बताया। उन्होंने कहा कि यह सुरंग हर मौसम में संपर्क सुनिश्चित करके लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के लिए जीवन रेखा का काम करेगी।
समारोह के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गडकरी ने कहा कि 14 किलोमीटर लंबी यह सुरंग देश की सबसे महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं में से एक है, जिसे चुनौतीपूर्ण भूभाग और खराब मौसम के बावजूद वैश्विक सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाया गया है। उन्होंने परियोजना में शामिल इंजीनियरों, श्रमिकों और एजेंसियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि निर्माण कार्य लगभग 3,000 मीटर की ऊंचाई पर शून्य से नीचे के तापमान में किया गया, जिसमें लगभग 80 फीसदी स्थानीय श्रमिक थे।
उन्होंने कहा कि यह सुरंग कश्मीर और लद्दाख के बीच निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करके सीमावर्ती क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार, आर्थिक गतिविधि और रणनीतिक आवागमन को बढ़ावा देगी। केंद्रीय मंत्री ने लद्दाख के लिए कई नई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की घोषणा की, जिनमें 1,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला लेह साउथ बाईपास (48 किमी) और 200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला लेह नॉर्थ बाईपास (7.6 किमी) शामिल हैं। इनका उद्देश्य यातायात जाम को कम करना और संपर्क को बेहतर बनाना है।
उन्होंने कहा कि 2.6 किमी लंबी फातु ला ट्विन-ट्यूब सुरंग पर काम तीन महीने के भीतर शुरू हो जाएगा, जबकि 3,500 करोड़ रुपये की लागत वाली टेला पास सुरंग परियोजना अंतिम डीपीआर चरण में है और अगले साल मार्च से पहले इसके ठेके दिए जाने की संभावना है। इसके अलावा गडकरी ने श्रीनगर-गुमरी सड़क के चौड़ीकरण और उन्नयन की घोषणा की, जिससे संपर्क और मजबूत होगा और जोजिला सुरंग का पूरक बनेगा। उन्होंने हिमालयी क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विस्तार और दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों तक साल भर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए केंद्र की प्रतिबद्धता को दोहराया।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह