भारत के रिटेल निवेशक विस्तार को खामोशी से रफ्तार दे रहा है राजस्थान : एनएसई

09 Jun 2026 15:53:53
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के लोगो का प्रतीकात्मक चित्र


मुंबई, 09 जून (हि.स)। राजस्थान भले ही बड़े राज्यों की तरह सुर्खियों में न रहता हो, लेकिन यह भारत में नए निवेशकों की संख्या बढ़ाने में लगभग आधी हिस्सेदारी रख रख रहा है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने मंगलवार को आंकड़ों के जरिये बताया कि हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित शीर्ष राज्यों ने नए निवेशक पंजीकरणों (रजिस्ट्रेशन) में लगभग 49 फीसदी का योगदान दिया है। यह भारत के पूंजी बाजार (कैपिटल मार्केट) के विस्तार की कहानी में राजस्थान के बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है।

राजस्थान में वित्तीय बाजार के निवेशकों की संख्या में यह उछाल जयपुर, जोधपुर और कोटा जैसे अर्ध-शहरी (सेमी-अर्बन) जिलों में बढ़ते वित्तीय समावेशन (फाइनेंशियल इनक्लूजन) पर टिका हुआ है। पहली बार निवेश करने वाले लोगों की एक बड़ी संख्या सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी), ईटीएफ और डायरेक्ट स्टॉक्स के जरिए इक्विटी मार्केट में कदम रख रही है। राज्य का यह उभार एक व्यापक भौगोलिक विविधीकरण (ज्योग्राफिक डाइवर्सिफिकेशन) को दर्शाता है, जिसमें छोटे राज्य लगातार निवेशक आधार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।

एनएसई के आंकड़े बताते हैं कि पारंपरिक रूप से शीर्ष पर रहने वाले बाजारों से इतर क्षेत्र अब लगभग 27 फीसदी निवेशकों की हिस्सेदारी रखते हैं, जो भागीदारी के बढ़ते दायरे को दर्शाता है। यह बात एक गहरे रुझान का संकेत देता है कि भारत की इक्विटी संस्कृति (इक्विटी कल्चर) अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह अखिल भारतीय (पैन-इंडिया), महत्वाकांक्षी और डिजिटल रूप से सक्षम हो चुकी है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

Powered By Sangraha 9.0