मप्र के मुख्यमंत्री की किसानों के हित में बड़ी घोषणा, बोले- धान की फसल पर भी देंगे भावांतर योजना का लाभ

युगवार्ता    01-Jul-2026
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सिवनी में राज्य स्तरीय धान महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री


सिवनी में राज्य स्तरीय धान महोत्सव में किसानों को राशि अंतरण करते हुए मुख्यमंत्री


सिवनी में राज्य स्तरीय धान महोत्सव में  मुख्यमंत्री का हुआ भव्य स्वागत


सिवनी में राज्य स्तरीय धान महोत्सव में विकास कार्यों की सौगात देते हुए मुख्यमंत्री


मुख्यमंत्री ने खेत में उतरकर रोपा धान


सिदोरी का स्वाद चखा और किसान से किया संवाद


- मुख्यमंत्री ने श्रीअन्न उत्पादक किसानों के खातों में अंतरित की बोनस राशि, सिवनी जिले को दी 494.16 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

भोपाल, 01 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धान उत्पादक किसानों के हित में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब धान की फसल पर भी भावांतर योजना का लाभ दिया जाएगा। राज्य सरकार धान उत्पादक किसानों को एमएसपी और बाजार मूल्य के बीच के अंतर की राशि का भुगतान करेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को सिवनी जिला मुख्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय धान महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारे हलधर किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं, इस धरा के वास्तविक शुभंकर है। वे अपने अथक परिश्रम से पूरे समाज का उदर-पोषण करते हैं। किसानों की खुशहाली ही हमारी सरकार का संकल्प हैं, क्योंकि किसान समृद्ध होगा, तभी हमारा प्रदेश और देश समृद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकौशल की धरती धान उत्पादन के लिए जग प्रसिद्ध है। शेर की दहाड़ और सतपुड़ा के पहाड़ और अब यहां की छत्रिय धान इस क्षेत्र की बड़ी पहचान है। छत्रिय धान को अब भौगोलिक संकेतक टैग (जीआई टैग) मिल गया है। यह हमारी देशज और पारंपरिक कृषि का वैश्विक सम्मान है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी योजना (मनरेगा का नया स्वरूप) के तहत प्रदेश में विभिन्न श्रेणी के कार्यम लगातार चलायें जाएंगे। किसानों और रोजगार के जरूरतमंदों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना अंतर्गत प्रदेश के 3 हजार 941 किसानों को एक हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से कोदो-कुटकी के बोनस के रूप में दो करोड़ 84 लाख रुपये किसानों के खातों में अंतरित किए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार श्रीअन्न उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ-साथ बोनस भी दे रही है। हमने प्रदेश में पहली बार शासकीय स्तर पर कोदो कुटकी खरीदने के लिए अभियान शुरू किया है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना अंतर्गत प्रदेश के 16 हजार 754 से अधिक श्रमिक परिवारों को 365 करोड़ की अनुग्रह सहायता राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। साथ ही 494 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से 629 विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण कर सिवनी जिले को बड़ी सौगात दी। इसमें 349.33 करोड़ रुपये की लागत के 586 विकास कार्यों का लोकार्पण और 144.83 करोड़ रुपए की लागत के 43 विकास कार्यों का भूमि-पूजन शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने बालाघाट से सिवनी तक फोरलेन रोड निर्माण कार्य की घोषणा करते हुए कहा कि जिले के छपारा ब्लॉक के ग्राम चमारी में शासकीय महाविद्यालय खोला जाएगा। ग्राम सागर से खटकर तक पक्की रोड का निर्माण किया जाएगा। ग्राम छिड़िया पलारी में नगर वन स्थापित किया जाएगा। उन्होंने सिवनी जिले के हर विधानसभा क्षेत्र में एक-एक मिनी स्टेडियम का निर्माण कराने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1 से 15 जुलाई तक स्कूल चलो अभियान चलाया जा रहा है। सभी अपने बच्चों को स्कूलों में प्रवेश कराएं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 'एक देश, एक विधान, एक निशान, एक प्रधान' के ध्येय को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इसी माह प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए प्रस्ताव लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जनजातीय बंधुओं को यूसीसी के दायरे से पृथक रखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 10 लाख से अधिक लोगों ने राज्य सरकार के यूसीसी प्रस्ताव का समर्थन किया है। हम तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कोदो-कुटकी, ज्वार, बाजरा, मक्का को गरीबों की फसल कहा जाता था। उसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रीअन्न को प्रोत्साहित करने के लिये योजना शुरू कर देश-दुनिया में इसका मान बढ़ाया। श्रीअन्न में मौजूद तत्व सबसे जल्दी पचता है। राज्य सरकार ने पिछले साल से श्रीअन्न खरीदने की शुरुआत की है। इस वर्ष मानसून पर अलनीनो का प्रभाव नजर आ रहा है। अगर बारिश कम होती है तो किसानों को तैयार रहना चाहिए कि वे कोदो कुटकी सहित सभी फसलों को तैयार कर लें। प्रदेशभर में जल गंगा संरक्षण अभियान के अंतर्गत लाखों काम हुए हैं। सभी प्रदेशवासी पानी की महत्ता को समझें।

उन्होंने कहा कि वी-बी-जी रामजी अधिनियम देश में लागू हो चुका है। इसके तहत प्रदेश के गांव-गांव में बहुतायत में अमृत सरोवरों का निर्माण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा वर्षाकाल के बाद प्रदेश के किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। हमारे किसानों के घर धन-धान्य से सदैव भरे रहें, यही हमारी सफलता है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि अब हमें सिर्फ पारंपरिक खेती के भरोसे नहीं बैठे रहना है। खेत में धान लगाइए, गेहूं उगाइए, लेकिन उसके साथ-साथ फसल विविधिकरण, पशुपालन और मछली पालन जैसे नए क्षेत्रों को भी अपनाइए। जब आप खेती के साथ-साथ इन कामों में हाथ आगे बढ़ाएंगे, तो आपकी जेब भरने के लिये हर महीने कमाई के नए रास्ते खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की मदद के लिए हमारी सरकार हर कदम पर साथ खड़ी है।

श्रीअन्न उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार के प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने श्रीअन्न (मिलेट) उत्पादक किसानों के हित में रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना को लागू करने का फैसला लिया है। वैल्यू चेन का निर्माण कर किसानों को मार्केट एक्सेस प्रदान किया जा रहा है। कोदो-कुटकी के प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन की व्यवस्था विकसित की जा रही है। 'कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल, सासंद फग्गन सिंह कुलस्ते और विधायक दिनेश राय मुनमुन ने भी संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने खेत में उतरकर रोपा धान

इससे पहले मुख्यमंत्री ने बुधवार को सिवनी में किसान के खेत में धान रोपकर धान महोत्सव का शुभारंभ किया। मिट्टी और पानी से भरे खेत में मुख्यमंत्री के साथ महिलाओं ने भी धान रोपाई की। उन्होंने रोपाई के पारंपरिक गीत चंदन राजा को परहा गढ़ से, रानी सरुपा सकारी उठ से गाकर पूरा वातावरण भक्तिमय और संगीतमय बना दिया। मुख्यमंत्री द्वारा धान रोपने से किसान और समस्त ग्रामीण उत्साह से भर उठे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे क्षेत्र में मुख्य रूप से सोयाबीन की खेती होती है, धान रोपने का यह मेरा पहला अनुभव है, इस अनुभव ने मुझे असीम प्रसन्नता मिली। उन्होंने कहा कि अगली बार मैं अपनी धर्मपत्नी को साथ लेकर आऊंगा जिससे वह भी इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बन सकें।

सिदोरी का स्वाद चखा और किसान से किया संवाद

मुख्यमंत्री ने धान रोपने के बाद बरघाट के ग्राम लोहारा से आए किसान दौलतराम बिसेन ने अपने घर से लाई गई 'सिदोरी' (खेत में खाया जाने वाला पारंपरिक भोजन) खाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने किसान के इस आत्मीय आग्रह को सहर्ष स्वीकार किया और बड़े चाव से उसे ग्रहण किया। उन्होंने किसान के घर से आई रोटी, गुड़ और अचार का आनंद लेते हुए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने धान रोपाई के बाद प्रकृति, देवी-देवताओं और गौ-माता का पूजन कर खेत की मेड़ पर आम का पौधा रोपा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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