विश्व कप में इतिहास रचने वाली नीरू धांडा बोलीं- अब भारत को लगातार मिलेंगे पदक

12 Jul 2026 22:53:53
भारतीय शॉटगन निशानेबाज नायब सूबेदार नीरू धांडा


नई दिल्ली, 12 जुलाई (हि.स.)। भारतीय शॉटगन निशानेबाज नायब सूबेदार नीरू धांडा ने इटली के लोनाटो में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप में इतिहास रचते हुए टूर्नामेंट में ट्रैप स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने का गौरव हासिल किया है। 26 वर्षीय नीरू ने क्वालिफिकेशन में 121/125 का शानदार स्कोर बनाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी अपने नाम किया और फाइनल में फ्रांस की पूर्व विश्व चैंपियन कैरोल कॉर्मेनियर को हराकर स्वर्ण पदक जीता।

ऐतिहासिक जीत के बाद नीरू धांडा ने कहा कि पदक समारोह में भारतीय तिरंगे को सबसे ऊपर लहराते देखना उनके जीवन का सबसे भावुक और यादगार पल था।

उन्होंने कहा, जब राष्ट्रीय ध्वज सबसे ऊपर गया तो एहसास हुआ कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ निशानेबाजों को हराना हमारे लिए भी संभव है। लंबे समय बाद महिला ट्रैप में भारत को यह सफलता मिली है। मुझे पूरा विश्वास है कि अब भारत को इस स्पर्धा में लगातार पदक मिलेंगे।

नीरू ने बताया कि फाइनल में उनका पूरा ध्यान केवल अपनी तकनीक और प्रदर्शन पर था, न कि प्रतिद्वंद्वियों की उपलब्धियों पर।

उन्होंने कहा, जब आप विश्व चैंपियन के खिलाफ उतरते हैं तो खुद को भी चैंपियन मानना पड़ता है। मैंने सिर्फ अपनी लय और तकनीक पर ध्यान दिया। यदि आप शांत रहते हैं और वर्तमान में रहकर पूरी मेहनत करते हैं तो कुछ भी असंभव नहीं होता।

विश्व कप स्वर्ण को अपने करियर की शुरुआत बताते हुए नीरू ने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान विश्व चैंपियनशिप और लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए कोटा हासिल करने पर है।

उन्होंने कहा, यह स्वर्ण पदक शानदार शुरुआत है, लेकिन असली मेहनत अब शुरू होगी। मेरा अंतिम लक्ष्य लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है और उसकी तैयारी अभी से शुरू हो चुकी है।

भारतीय टीम के विदेशी शॉटगन कोच पीटर विल्सन ने नीरू की जमकर सराहना करते हुए कहा कि पिछले एक वर्ष में उन्होंने अपने प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार किया है। उनके अनुसार, पिछले वर्ष एशियाई चैंपियनशिप में मिली सफलता ने नीरू का आत्मविश्वास बढ़ाया और उन्हें विश्व स्तर पर जीतने का भरोसा दिया।

विल्सन ने कहा, नीरू ने रेंज के बाहर भी बेहद कड़ी मेहनत की है और यह स्वर्ण उसी समर्पण का परिणाम है। मैं चाहता हूं कि भारत केवल अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने तक सीमित न रहे, बल्कि वैश्विक शॉटगन शूटिंग पर अपना दबदबा कायम करे।

उन्होंने कहा कि जिस तरह ब्रिटेन के रिचर्ड फॉल्ड्स के ओलंपिक स्वर्ण ने वहां की नई पीढ़ी को प्रेरित किया था, उसी तरह नीरू धांडा की यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय महिला ट्रैप निशानेबाजों के लिए नई प्रेरणा बनेगी और भविष्य में भारत को इस स्पर्धा में लगातार सफलता दिलाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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