वित्त मंत्री सीतारमण ने फंड जुटाने की गति को बनाए रखने के लिए एनआरआई तक पहुंच बढ़ाने का किया आह्वान

13 Jul 2026 19:06:53
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक करते सीतारमण


सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक करते सीतारमण


सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक करते सीतारमण


नई दिल्ली, 13 जुलाई (हि.स)। केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) तक अपनी पहुंच बढ़ाने और विदेशी मुद्रा प्रवाह को बढ़ावा देने के लिए नए और अभिनव जमा उत्पाद पेश करने को कहा है।

केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री ने नई दिल्ली में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों के साथ एक समीक्षा बैठक के दौरान यह आह्वान किया। सीतारमण ने बैंकों और सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों के प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ बातचीत में धन जुटाने की गति को बनाए रखने के लिए एनआरआई तक पहुंच बढ़ाने पर भी बल दिया।

वित्त मंत्री ने बैठक के दौरान उत्साहजनक और उत्साहपूर्ण प्रारंभिक प्रतिक्रिया की सराहना की और बैंकों से अनिवासी भारतीय प्रवासियों तक अपनी पहुंच को और बढ़ाने, अभिनव जमा उत्पादों को पेश करने और योजनाओं की शेष अवधि के दौरान धन जुटाने की गति को बनाए रखने का आह्वान किया।

वित्त मंत्रालय ने जारी एक बयान में बताया कि केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज नई दिल्ली में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) और सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों (पीएफआई) के प्रबंध निदेशकों (एमडी) और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) [एफसीएनआर(बी)] जमा, बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) और विदेशी मुद्रा उधार (ओएफसीबी) स्वैप पहलों पर बातचीत की।

मंत्रालय के मुताबिक इस बैठक के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और निजी वित्तीय संस्थानों के प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने केंद्रीय वित्त मंत्री को एफसीएनआर (बी) जमा, ईसीबी और ओएफसीबी के लिए आरबीआई की स्वैप सुविधा योजनाओं के तहत हुई प्रगति से अवगत कराया।

वित्त मंत्रालय के मुताबिक इस बैठक में वित्तीय सेवा विभाग, आर्थिक कार्य विभाग और राजस्व विभाग के सचिव, मुख्य आर्थिक सलाहकार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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