
रायपुर, 14 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ सरकार ने कैदियों के सुधार के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश की पहली ओपन जेल बेमेतरा जिले के पथर्रा गांव में तैयार हो गई है। जेल विभाग ने इसके संचालन के मंगलवार को आदेश जारी कर दिए हैं।
इस आधुनिक सुधारात्मक केंद्र की लागत लगभग 23 करोड़ रुपए है। यहां उन कैदियों को रखा जाएगा जो आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। शर्त यह है कि उनका आचरण जेल में अच्छा रहा हो। इस खुली जेल में एक साथ 200 कैदियों को रखने की व्यवस्था है।कैदियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस जेल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और एग्रीकल्चर थीम से जोड़ा गया है। जेल परिसर के अंदर निम्नलिखित कार्य सिखाए और कराए जाएंगे
उल्लेखनीय है कि खुली जेल जेल में पारंपरिक जेलों की तरह ऊंची दीवारें, लोहे की सलाखें या कटीले तार नहीं होते हैं।यहां हथियारबंद गार्ड तैनात नहीं होते, बल्कि यह पूरी व्यवस्था कैदियों के आत्म-अनुशासन और भरोसे पर चलती है। पात्र कैदियों को तय नियमों के तहत नियंत्रित आजादी मिलती है। उन्हें जेल परिसर से बाहर जाकर काम करने की भी अनुमति होती है, लेकिन तय समय पर रोल कॉल (हाजिरी) देना अनिवार्य है।
आजीवन कारावास की सजा काट रहे अच्छे आचरण वाले कैदियों को यहां अपने परिवार के साथ रहने के लिए घर जैसा माहौल दिया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा