होर्मुज संकट से वैश्विक आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंता, कच्चे तेल की कीमतें 85 डॉलर के पार

14 Jul 2026 17:49:53
सांकेतिक


इस्तांबुल, 14 जुलाई (हि.स.)। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बाधित होने की आशंकाओं के बीच मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं। यह करीब एक महीने का उच्चतम स्तर है।

इंटरनेशनल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में 0635 जीएमटी तक 2.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। सप्ताह की शुरुआत से अब तक इसकी कुल बढ़त 13 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका से बाजार में तेजी आई है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाॅम) के अनुसार हाल ही में चलाए गए पांच घंटे के सैन्य अभियान में ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें बुशहर, चाबहार, जास्क, कोनारक, अबू मूसा और बंदर अब्बास में मौजूद तटीय रक्षा प्रणाली, मिसाइल और ड्रोन सुविधाएं तथा समुद्री सैन्य क्षमताएं शामिल थीं।

सेंटकाॅम का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाने की क्षमता को कमजोर करना था। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी ईरानी सैन्य क्षमताओं को निशाना बना रही है और ईरान तथा उसके साथ व्यापार करने वाले जहाजों पर नाकेबंदी फिर से लागू की जा रही है।

हालिया सैन्य कार्रवाई, सुरक्षा चेतावनियों और नाकेबंदी को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला व्यावसायिक समुद्री यातायात लगभग ठप होने की स्थिति में पहुंच गया है। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका और गहरा गई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में मांग की कि अमेरिका को कार्गो पर 20 प्रतिशत शुल्क या तेल ले जाने वाले बड़े सुपरटैंकरों पर 30 मिलियन डाॅलर से अधिक का भुगतान किया जाना चाहिए। जिन देशों की अमेरिका सुरक्षा में मदद कर रहा है, वे अमेरिका को भुगतान करेंगे। इनमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत और बहरीन शामिल हैं।

वहीं, ईरान ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के सुरक्षा की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ उसकी रहेगी। विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने साेशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ट्रंप की 20 प्रतिशत शुल्क की मांग का मजाक उड़ाते हुए इसे बहुत ज़्यादा बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि हम (ईरान) निष्पक्ष रहेंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है या होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और एलएनजी की आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रहती है, तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

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