भारत-ब्रिटेन के बीच वृहद आर्थिक और व्यापार समझौता बुधवार से होगा लागू

14 Jul 2026 17:43:53
भारत और ब्रिटेन के लोगो का प्रतीकात्मक चित्र


नई दिल्ली, 14 जुलाई (हि.स)। भारत और ब्रिटेन के बीच वृहद आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) मंगलवार, 15 जुलाई से प्रभावी हो जाएगा। कई दौर की बातचीत के बाद दोनों देशों ने पिछले साल 25 जुलाई को समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस ऐतिहासिक समझौते के अंतर्गत भारतीय निर्यात को ब्रिटेन के बाजार में 99 फीसदी उत्पादों पर शून्य शुल्क की सुविधा मिलेगी।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार के कार्यकाल में लागू होने वाला यह छठा मुक्त व्यापार समझौता है। इससे पहले भारत मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) और ओमान के साथ ऐसे समझौते लागू कर चुका है।

आर्थिक मामलों के जानकारों के मुताबिक भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ यह व्यापार समझौता हाल के वर्षों के सबसे अहम व्यापारिक समझौतों में से एक माना जा रहा है। इसके लागू होने से भारत के लगभग 99 फीसदी निर्यात को ब्रिटेन के बाजार में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी।

भारत-ब्रिटेन सीईटीए लागू होने से परिधान, वस्त्र, जूते-चप्पल, कालीन, प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद, अनाज, सब्जियां, फल, मसाले, मछली, मांस तथा इनके प्रसंस्कृत उत्पाद जैसे क्षेत्र अब ब्रिटेन के बाजार में पूरी तरह शुल्क मुक्त पहुंच सकेंगे। अबतक इन उत्पादों पर ब्रिटेन में चार से 16 फीसदी तक आयात शुल्क लगाया जाता है।

समझोते के मुताबिक भारत, ब्रिटेन से आयात होने वाले चांदी पर लगने वाले शुल्क को अगले 10 साल में चरणबद्ध तरीके से शून्य कर देगा। ब्रिटेन से भारत आने वाले प्रमुख आयातित उत्पादों में चांदी भी शामिल है।

एफटीए में भारत ने ब्रिटेन में बनी पूरी तरह तैयार कारों और ट्रक पर आयात शुल्क में बड़ी कटौती करने पर सहमति जताई है। इस शुल्क को 110 फीसदी से धीरे-धीरे घटाकर 10 फीसदी कर दिया जाएगा। किसी भी एफटीए में ऐसा पहली बार हुआ है, जब भारत ने वाहन के क्षेत्र में इस तरह का निर्णय लिया है।

भारत और ब्रिटेन के बीच वृहद आर्थिक एवं व्यापार समझौता लागू होने से वाहन एवं उनके कलपुर्जे, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, धातु उत्पादों के साथ-साथ सिरेमिक, कांच, पत्थर और सीमेंट उत्पादों के क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा। वहीं, ब्रिटेन से आयात होने वाले सेल्मन मछली, लैम्ब (भेड़ का मांस), मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, चॉकलेट, शीतल पेय, कॉस्मेटिक्स, साबुन, परफ्यूम, शेविंग क्रीम और नेल पॉलिश जैसे कई उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ते हो सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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