सरकार ने सेवा सूचकांक किया जारी, अप्रैल में 14 उप-क्षेत्रों में दहाई अंक में वृद्धि दर्ज

14 Jul 2026 20:53:53
सेवा उत्पादन सूचकांक जारी करते सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय सचिव डॉ. सौरभ गर्ग और अन्य


-सेवा उत्पादन सूचकांक (आईएसपी) की पहली सब सेक्टोरल ट्रायल सीरीज किया जारी

नई दिल्ली, 14 जुलाई (हि.स)। सरकार ने मंगलवार को पहला उप-क्षेत्रवार आधारित सेवा उत्पादन परीक्षण सूचकांक को जारी किया है। इससे पता चलता है कि अप्रैल, 2026 में संगठित सेवा क्षेत्र के 19 में से 14 उप-क्षेत्रों में दहाई अंक में वृद्धि दर्ज

हुई है।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में अप्रैल 2026 के लिए 19 उप-क्षेत्रों के लिए सेवा उत्पादन सूचकांक का पहला संस्करण जारी किया है। इसमें 14 उप-क्षेत्रों में दहाई अंक में वृद्धि दर्ज हुई है। इसके बाद हर महीने की 29 तारीख को सेवा उत्पादन सूचकांक-आईएसपी जारी किया जाएगा।

मंत्रालय के मुताबिक इन उप-क्षेत्रों में थोक व्यापार, खुदरा, आवास और भोजन, सड़क परिवहन, हवाई परिवहन, दूरसंचार और बैंक शामिल हैं। ये सेवा क्षेत्र का लगभग 60 फीसदी हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। परीक्षण के तौर पर जारी सेवा उत्पादन सूचकांक (आईएसपी) का आधार वर्ष 2024-25 है। इसके अनुसार रेलवे और हवाई परिवहन को छोड़कर, सभी श्रेणी में अप्रैल, 2026 में सालाना आधार पर सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने कहा, ‘‘सेवा उत्पादन सूचकांक भारत की सांख्यिकी प्रणाली को मजबूत करने और सेवा क्षेत्र के माप को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सेवा क्षेत्र का देश की आर्थिक गतिविधियों में हिस्सेदारी आधे से अधिक है।’’

आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल में हवाई परिवहन में 13.9 फीसदी की गिरावट आई। वहीं, रेलवे परिवहन में 0.4 फीसदी की कमी दर्ज की गई। सूचकांक के अनुसार अप्रैल में मजबूत वृद्धि वाले शीर्ष उप-क्षेत्र…आवास और भोजन (37.2 फीसदी), खुदरा व्यापार (30.8 फीसदी), प्रशासनिक और सहायता सेवाएं (28.7 फीसदी) और रियल एस्टेट (27.7 फीसदी) हैं।

सांख्यिकी मंत्रालय ने कहा कि उप-क्षेत्रीय सूचकांक जारी होने से पहली बार भारत के संगठित सेवा क्षेत्र में अल्पकालिक बदलावों का मासिक माप मिल सकेगा। इसमें लगभग 60 फीसदी क्षेत्र कवर होगा।

अपने आंकड़ा स्रोत यानी जीएसटी और प्रशासनिक आंकड़ों के आधार पर सेवा उत्पादन सूचकांक केवल संगठित क्षेत्र की कंपनियों को ही कवर करेगा। मंत्रालय ने कहा, ‘‘इसके अनुसार, जो सेवा सूचकांक में नहीं आते हैं, वे या तो मुख्य सरकारी गतिविधियों से जुड़े हैं या फिर गैर-बाजार गतिविधियों और असंगठित क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं।’’ इसके बाद हर महीने की 29 तारीख को सेवा उत्पादन सूचकांक जारी किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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