राकांपा एपी राष्ट्रीय अध्यक्ष पद चुनाव पर रार, प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा-कोर कमेटी की बैठक में होगा फैसला

14 Jul 2026 17:21:56
फाईल फोटो: राकांपा एपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा अजीत पवार


मुंबई, 14 जुलाई (हि.स.)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) एपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर हुए चुनाव को पार्टी के ही एक पदाधिकारी द्वारा कानूनी चुनौती देने के बाद राजनीति गरमा गई है। राकांपा एपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने मंगलवार को कहा कि इस मामले में कानूनी सलाह ली जाएगी और इसके बाद पार्टी की कोर कमेटी में निर्णय लिया जाएगा।

राकांपा एपी के पूर्व अध्यक्ष अजीत पवार के आकष्मिक निधन के बाद पार्टी की ओर से अध्यक्ष पद का चुनाव करवाया गया था और अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया था। इसी चुनाव को राकांपा एपी के राष्ट्रीय सचिव सच्चिदानंद सिंह ने चुनौती दी है। सिंह ने नए सिरे से चुनाव कराने और अध्यक्ष पद के चुनाव के साथ नेशनल वर्किंग कमेटी के पदाधिकारियों की संशोधित सूची को अमान्य घोषित करने की मांग की है।

उनकी ओर से 9 जुलाई को सुनेत्रा पवार को भेजे गए कानूनी नोटिस में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि राकांपा एपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत पवार की असामयिक मृत्यु के बाद, नेशनल वर्किंग प्रेसिडेंट प्रफुल्ल पटेल को उस पद पर कार्यवाहक के तौर पर काम करना था, जब तक कि बाकी कार्यकाल के लिए चुनाव न हो जाए। यह चुनाव 16 फरवरी को भारत निर्वाचन आयोग को सौंपे गए संशोधित संविधान के अनुसार होना था। सात पन्नों के इस नोटिस में बताया गया है कि कैसे राकांपा के जनरल सेक्रेटरी बृजमोहन श्रीवास्तव ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना, 18 फरवरी को एक प्रस्ताव पारित किया और चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी। नोटिस में यह भी कहा गया है, उन्होंने संविधान के अनुसार नियुक्त कार्यवाहक प्रमुख की मंज़ूरी के बिना नए प्रेसिडेंट को चुनने के लिए राष्ट्रीय अधिवेशन भी बुलाया। इसलिए, पार्टी प्रेसिडेंट के तौर पर नोटिस पाने वाली नंबर 1 (सुनेत्रा पवार) का चुनाव गंभीर रूप से सवालों के घेरे में है।

सुनेत्रा पवार, प्रफुल्ल पटेल और बृजमोहन श्रीवास्तव को नोटिस भेजा गया है। इसमें पार्टी को कार्रवाई करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है, ऐसा न करने पर सिंह ने अदालत जाने की धमकी दी है। दिलचस्प बात यह है कि सुनेत्रा पवार के पार्टी अध्यक्ष का पद संभालने के बाद सिंह और श्रीवास्तव, दोनों को पार्टी की नई नेशनल वर्किंग कमेटी में शामिल नहीं किया गया था।

राकांपा एपी के प्रवक्ता सूरज चव्हाण ने कानूनी नोटिस में लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव पूरी तरह से पार्टी के संविधान और चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार कराए गए थे। चव्हाण ने पत्रकारों को बताया कि यह सिर्फ़ सनसनी फैलाने की कोशिश है। सभी डेलीगेट्स ने सर्वसम्मति से सुनेत्रा जी को पार्टी का नया अध्यक्ष चुना था।

इसके बाद प्रदेश राकांपा अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि सच्चिदानंद सिंह की ओर से भेजे गए नोटिस पर कानूनी सलाह ली जाएगी। इसके बाद पार्टी की कोर कमेटी की बैठक होगी और उस बैठक में वकीलों की ओर से दी गई कानूनी सलाह पर चर्चा की जाएगी। इसी बैठक में सच्चिदानंद की नोटिस का जवाब दिए जाने का फैसला लिया जाएगा। साथ ही इसी बैठक में सच्चिदानंद पर कार्रवाई पर चर्चा और अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

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