एनएमसी ने रिम्स में एमबीबीएस की 70 नई सीटों को दी मंजूरी, अब 250 छात्रों का होगा नामांकन

15 Jul 2026 16:58:53
मंत्री इरफान अंसारी की फाइल फोटो


रांची, 15 जुलाई (हि.स.)। नेशनल मेडिकल कमिशन (एनएमसी) ने झारखंड के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में एमबीबीएस सीटों की संख्या 180 से बढ़ाकर 250 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के बाद चालू शैक्षणिक सत्र से रिम्स में अब 250 विद्यार्थियों का नामांकन किया जाएगा। इसे झारखंड में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

इससे पहले राज्य सरकार के प्रयासों से महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में भी एमबीबीएस सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 150 की गई थी। अब रिम्स में 70 नई सीटों की मंजूरी मिलने से राज्य में मेडिकल शिक्षा के अवसर और बढ़ जाएंगे।

झारखंड के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने एनएमसी के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह झारखंड के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में नई क्रांति की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रिम्स सहित पूरे स्वास्थ्य तंत्र को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए लगातार काम कर रही है। उनका कहना था कि आने वाले समय में रिम्स आधुनिक सुविधाओं से लैस एक उत्कृष्ट चिकित्सा संस्थान के रूप में देश के सामने नई पहचान बनाएगा।

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि सीटों में वृद्धि के साथ-साथ संस्थान में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। इसके तहत फैकल्टी की संख्या बढ़ाने, छात्रावासों का विस्तार, आधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता तथा अन्य शैक्षणिक एवं चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है, ताकि एनएमसी के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

रिम्स के प्रभारी निदेशक डॉ. डी.के. सिन्हा ने इस उपलब्धि का श्रेय राज्य सरकार, स्वास्थ्य विभाग और रिम्स प्रशासन के समन्वित प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि संस्थान ने एनएमसी की सभी आवश्यक शर्तों को पूरा करने के लिए लगातार कार्य किया, जिसके परिणामस्वरूप सीटों में वृद्धि की मंजूरी मिली।

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस फैसले से झारखंड के विद्यार्थियों को राज्य के भीतर ही मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने के अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही आने वाले वर्षों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ने से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी और दूरदराज के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

Powered By Sangraha 9.0