नेपाल में यातायात नियम तोड़ने पर करना होगा श्रमदान, नया कानून लाने की तैयारी

15 Jul 2026 10:25:53
ट्रैफिक चेकिंग करते नेपाल के ट्रैफिक पुलिस


काठमांडू, 15 जुलाई (हि.स.)। नेपाल सरकार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों से जुर्माना वसूलने के बजाए अब श्रमदान कराने को लेकर नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। इस आशय का विधेयक संसद में विचाराधीन है। नियमों के उल्लंघन करने पर जुर्माना राशि 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये करने के फैसले का सर्वत्र विरोध हो चुका है।

सरकार ने तर्क दिया कि जुर्माना राशि बढ़ाने का फैसला दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से किया गया। आम आदमी पर इसका आर्थिक बोझ बढ़ने के कारण नए कानून का मसौदा तैयार किया गया है। इस प्रस्तावित विधेयक में जुर्माना न चुकाने वालों से सरकारी श्रम शिविर में काम कराकर भी उसकी भरपाई कराई जा सकेगी।

यातायातमंत्री सुनिल लम्साल ने प्रतिनिधि सभा की बैठक में सांसदों के सवालों का जवाब देते हुए यह जानकारी दी। लम्साल ने कहा कि अभी नियम उल्लंघन पर जुर्माना बहुत कम है। एक बार में 50 हजार रुपये जुर्माना लगाने के पीछे सरकार की नीयत पैसे वसूलना नहीं बल्कि लोगों को ट्रैफिक नियम का पालन करने को लेकर और अधिक सचेत करना है।

लम्साल के अनुसार, यदि कोई चालक तीन बार स्पीड लिमिट का उल्लंघन करता है, तभी उससे 50 हजार रुपये तक का जुर्माना वसूला जाएगा। इसके अलावा, बार-बार नियम तोड़ने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द किया जा सकेगा। मंत्री लम्साल ने बताया कि प्रस्तावित विधेयक में यह भी व्यवस्था की गई है कि जो व्यक्ति नकद जुर्माना देने में सक्षम नहीं होगा, वह सरकार के लिए श्रमदान कर जुर्माने की भरपाई कर सकेगा। यानी नकद भुगतान के विकल्प के रूप में सरकारी श्रम के माध्यम से जुर्माना चुकाने की कानूनी व्यवस्था की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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