16 वर्षों से लापता भारतीय नागरिक के बांग्लादेश में होने की जानकारी, हैम रेडियो की पहल से जगी वापसी की उम्मीद

15 Jul 2026 16:30:53
16 साल बाद हैम रेडियो से मिला लापता भारतीय नागरिक


कोलकाता, 15 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के एक हैम रेडियो संचालक की पहल से बांग्लादेश की राजधानी ढाका में रह रहे राजस्थान के एक लापता व्यक्ति के घर लौटने की राह आसान हो गई है। करीब 16 वर्ष पूर्व लापता हुए इस व्यक्ति को शीघ्र ही भारत वापस लाने की प्रक्रिया चल रही है।

इस मानवीय पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैम रेडियो संचालक सौरव कुमार गोस्वामी हैं, जिनका कॉलसाइन 'वीयू3जेएक्सएफ' है। सौरव ने बताया कि उन्हें सोमवार रात ढाका से व्हाट्सएप पर एक संदेश प्राप्त हुआ। यह संदेश उनके हैम रेडियो मित्र शमशुल हुदा का था, जिनका कॉलसाइन 'एस21एचडी' है।

शमशुल हुदा ने बताया कि एक मानसिक रूप से अस्वस्थ भारतीय नागरिक किसी प्रकार भारत-बांग्लादेश सीमा पार कर बांग्लादेश पहुंच गया था। अवैध रूप से प्रवेश करने के कारण उसे बांग्लादेश सीमा सुरक्षा बल ने गिरफ्तार कर लिया था। निर्धारित अवधि तक जेल में रहने के बाद जब उसे उसके घर वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई, तब उसके परिजनों का पता नहीं होने के कारण समस्या उत्पन्न हो गई। इसी समस्या के समाधान के लिए सौरव कुमार गोस्वामी से सहायता मांगी गई।

सौरव ने बताया कि जानकारी मिली कि उक्त व्यक्ति का नाम छोटूराम शर्मा है और वह राजस्थान का निवासी है। इसके बाद उसकी पहचान और परिजनों की खोज प्रारंभ की गई। सौरव भारत में 20 मीटर बैंड पर हाई फ्रीक्वेंसी हैम रेडियो नेटवर्क संचालित करते हैं और देशभर के सक्रिय हैम रेडियो संचालकों से उनका संपर्क है।

इसी क्रम में उन्होंने हाई फ्रीक्वेंसी वायरलेस माध्यम से राजस्थान के कोटा निवासी अपने हैम रेडियो मित्र रविंदर सिंह तोमर, जिनका कॉलसाइन 'वीयू2टीआईएच' है, को इसकी सूचना दी। रविंदर सिंह तोमर ने तत्काल खोज शुरू की और पता लगाया कि छोटूराम शर्मा राजस्थान के जयपुर जिले के नायला गांव के निवासी हैं। साथ ही उनके पिता का नाम जगदीश शर्मा होने की भी जानकारी मिली।

इस कार्य में नायला गांव के मुखिया प्रह्लाद माली का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। वर्तमान में दोनों देशों की विदेश नीति और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत छोटूराम शर्मा को उनके परिवार के पास वापस भेजने की प्रक्रिया चल रही है।

उल्लेखनीय है कि, हैम रेडियो संचालकों को एमेच्योर रेडियो ऑपरेटर कहा जाता है। इस माध्यम से बिना दूरभाष संपर्क के विश्व के विभिन्न भागों से संपर्क स्थापित किया जा सकता है। भारत में हैम रेडियो संचालन के लिए भारत सरकार द्वारा आयोजित परीक्षा उत्तीर्ण कर लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होता है। लाइसेंस प्राप्त होने पर संचालक को एक विशिष्ट पहचान संख्या प्रदान की जाती है, जिसे कॉलसाइन कहा जाता है।

उल्लेखनीय है कि, सौरव कुमार गोस्वामी वर्ष 2024 में एक श्रेणी में भारत में प्रथम स्थान प्राप्त कर चुके हैं। वर्ष 2025 में भी उन्होंने भारत में प्रथम तथा एशिया महाद्वीप में चौथा स्थान प्राप्त किया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

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