केंद्र ने डीजल, एटीएफ निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया, पेट्रोल पर शुल्क घटाया

16 Jul 2026 12:22:53
विंडफॉल टैक्स के लोगो का प्रतीकात्मक चित्र


नई दिल्ली, 16 जुलाई (हि.स)। पश्चिम एशिया में जारी संकट, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स (अप्रत्याशित लाभ कर) में बदलाव किया है। केंद्र सरकार ने 16 जुलाई से डीजल और विमानन ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ा दिया है, जबकि पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क को घटाया है।

वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (एसएईडी) के तहत पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात शुल्क में यह संशोधन किए गए हैं। डीजल के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स को 8.50 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 15.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। विमानन ईंधन के निर्यात पर भी टैक्स 7.50 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 14.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इसी तरह पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क 4 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 2.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इससे पहले 16 मई को पेट्रोल के निर्यात पर भी शुल्क लगाया गया था। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सरकार ने 27 मार्च को डीजल और विमान ईंधन के निर्यात पर शुल्क लगाया था। इसके बाद हर पखवाड़े इसकी दरों में केंद्र सरकार संशोधन करती है।

अधिसूचना में कहा गया है कि घरेलू खपत के लिए निकाले जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा शुल्क दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार के अनुसार, पश्चिम एशिया संकट की पृष्ठभूमि में पेट्रोलियम उत्पादों की घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्यात को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से यह अप्रत्याशित लाभ कर लगाया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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