आईएसआईएस सहयोगी राकिब अंसारी को पांच साल की जेल, लखनऊ एनआईए कोर्ट का फैसला

16 Jul 2026 18:10:53
एनआइए


लखनऊ, 16 जुलाई (हि.स.)। लखनऊ स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) का सहयोग करने के आरोपित राकिब इमाम अंसारी को पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत का यह फैसला उस समय आया, जब सुनवाई के दौरान अंसारी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार कर लिया।

एनआईए के विशेष न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने यह सजा सुनायी है। अभियोजन पक्ष ने बताया कि इस मामले में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) अलीगढ़ के दारोगा मोहम्मद अकरम ने तीन नवंबर 2023 को गोमतीनगर के एटीएस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद जांच शुरु हुई ताे पता चला कि एक रिपोर्ट मुंबई के काला चौकी थाने में दर्ज हुई थी।

विवेचना के दौरान आरोपित शाहनवाज और रिजवान अली के बारे में सूचना इकट्ठी करते समय जानकारी मिली कि ये दोनों आरोपित आईएसआईएस के सक्रिय सदस्य हैं और दोनों के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संगठन स्टूडेंट ऑफ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों से संबंध हैं। जानकारी यह भी मिली कि रिजवान यूनिवर्सिटी का छात्र नहीं था, लेकिन यूनिवर्सिटी के संगठन से जुड़कर आईएसआईएस की विचारधारा का प्रचार और प्रसार कर रहा है। एटीएस ने पाया कि राकिब इमाम अंसारी भी अन्य आरोपितों के संपर्क में था। साथ ही शाहनवाज और रिजवान अली के संपर्क में रहकर प्रतिबंधित आतंकी संगठन की विचारधारा का प्रचार-प्रसार कर था।

अभियोजन ने 17 गवाह पेश किए। इन गवाहों ने अदालत में बताया कि सभी आराेपित प्रतिबंधित आतंकी संगठन के लिए नए-नए लोगों को जोड़ने, जिहादी गतिविधियों को प्रेरित करने व भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध छेड़कर भारत में सरिया कानून स्थापित करने की साजिश रच रहे थे। इसमें दोषी राकिब इमाम अंसारी भी सक्रिय भूमिका निभा रहा था। मुकदमे के विचारण के दौरान दोषी राकिब इमाम अंसारी ने न्यायालय के समक्ष अर्जी देकर अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह

Powered By Sangraha 9.0