भारत और नेपाल ने की पनबिजली, बिजली व्यापार और ट्रांसमिशन परियोजनाओं की समीक्षा

16 Jul 2026 08:02:53
नेपाल भारत के बीच ऊर्जा सचिव स्तरीय बैठक


काठमांडू, 16 जुलाई (हि.स.)। भारत और नेपाल के बीच ऊर्जा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पोखरा में भारत-नेपाल संयुक्त संचालन समिति (जेएससी) की 13वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल और नेपाल सरकार के ऊर्जा, जलस्रोत एवं सिंचाई मंत्रालय की सचिव सरिता दवाड़ी ने की।

इससे पहले संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की 13वीं बैठक भी पोखरा में आयोजित हुई। इसकी सह-अध्यक्षता भारत के विद्युत मंत्रालय में संयुक्त सचिव (ट्रांसमिशन) पंकज कुमार और नेपाल के ऊर्जा, जलस्रोत एवं सिंचाई मंत्रालय के संयुक्त सचिव संदीप कुमार देव ने की।

काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के बयान में कहा गया है कि बैठकों में भारत और नेपाल के बीच ऊर्जा क्षेत्र में जारी सहयोग की व्यापक समीक्षा की गई। इस दौरान पनबिजली परियोजनाओं के विकास, सीमा-पार बिजली व्यापार तथा विद्युत प्रसारण (ट्रांसमिशन) अवसंरचना से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

दोनों पक्षों ने 400 केवी गोरखपुर–न्यू बुटवल ट्रांसमिशन लाइन सहित नई ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही, चल रही और प्रस्तावित विद्युत उत्पादन एवं ट्रांसमिशन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा उन्हें सुगम बनाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में भारतीय और नेपाली विद्युत ग्रिड के समन्वित संचालन, सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विकास, हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में सहयोग तथा नेपाली ऊर्जा विशेषज्ञों की क्षमता विकास जैसे विषय भी प्रमुखता से उठाए गए। संयुक्त संचालन समिति की बैठक से पहले 14 जुलाई को भारत के विद्युत सचिव पंकज अग्रवाल ने नेपाल के ऊर्जा, जलस्रोत एवं सिंचाई मंत्री बिराज भक्त श्रेष्ठ से शिष्टाचार भेंट कर ऊर्जा सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

दोनों देशों ने विश्वास व्यक्त किया कि संयुक्त संचालन समिति की बैठक के निष्कर्ष भारत-नेपाल ऊर्जा सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने तथा भविष्य की साझा ऊर्जा परियोजनाओं को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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