सब्सक्रिप्शन के लिए खुला कैलिबर माइनिंग का आईपीओ, 24 जुलाई को हो सकती है लिस्टिंग

17 Jul 2026 12:04:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 17 जुलाई (हि.स.)। कोल माइनिंग सेक्टर के लिए काम करने वाली कंपनी कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स का 450 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 21 जुलाई तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 22 जुलाई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 23 जुलाई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 24 जुलाई को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। पहले दिन दोपहर 11.30 बजे तक ये आईपीओ 46 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ है।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 402 रुपये से लेकर 424 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 35 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम 1 लॉट यानी 35 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,840 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,92,920 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 455 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,06,13,207 करोड़ शेयर बेचे जा रहे हैं। इनमें लगभग 400 करोड़ रुपये के 94,33,962 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जबकि लगभग 50 करोड़ रुपये के 11,79,245 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में एंकर इनवेस्टर्स को किए गए 31,83,960 शेयरों के अलॉटमेंट के बाद बचे शेयरों में से क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 28.57 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 50 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 21.43 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए डैम कैपिलटल एडवाइजर्स लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 95.90 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 131.55 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछल वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्थ लाभ उछल कर 157.90 करोड़ रुपये हो गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 957.92 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,435.57 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 1,684.66 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई। इस अवधि में कंपनी के कर्ज के बोझ में उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 717.88 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 649.27 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष यानी 2025-26 के अंत में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ उछल कर 1,057.61 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 244.93 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 435.71 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 593.96 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। कंपनी का नेटवर्थ भी इस दौरान लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 295.93 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 489.30 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ उछल कर 647.54 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 243.14 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 349.77 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 430.92 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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