
चंडीगढ़, 17 जुलाई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में 4,700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास के कार्यक्रम में कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए भविष्य की प्रौद्योगिकी, नवाचार और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं पर केंद्रित दृष्टि के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भारत दुनिया से मदद मांगने वाला नहीं, बल्कि दुनिया को सहायता पहुंचाने वाला देश बनकर उभरा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि चंडीगढ़ केवल एक शहर नहीं, बल्कि सुनियोजित विकास, बेहतर जीवनशैली और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का मॉडल है। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए चंडीगढ़ स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है और एनडीए सरकार इसके विकास को निरंतर प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के स्वास्थ्य ढांचे का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। वर्ष 2014 के बाद 15 नए एम्स को मंजूरी दी गई, सैकड़ों नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए विशेष अस्पतालों का विस्तार किया गया। अब देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है तथा एमबीबीएस और स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। उन्होंने घोषणा की कि पीजीआई चंडीगढ़ में एमबीबीएस कॉलेज को भी मंजूरी मिल गई है और शीघ्र ही यहां प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत देशभर में लगभग 1.75 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हो रहे हैं, जहां उपचार के साथ 12 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा के माध्यम से अब तक 48 करोड़ से अधिक ऑनलाइन चिकित्सकीय परामर्श दिए जा चुके हैं, जिससे दूरदराज़ क्षेत्रों के लोगों को भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा मिल रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार टीबी मुक्त भारत अभियान को भी तेजी से आगे बढ़ा रही है। समय पर जांच और उपचार के कारण टीबी के इलाज का दायरा 90 प्रतिशत से अधिक हो गया है तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक दशक में भारत में टीबी संक्रमण में 21 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय दुनिया भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चिंतित रहती थी, लेकिन कोरोना महामारी के दौरान भारत ने पूरी दुनिया की सोच बदल दी। उन्होंने कहा, “कोरोना के समय भारत मदद नहीं मांग रहा था, बल्कि दुनिया को दवाइयां और सहायता भेज रहा था।” उन्होंने कहा कि आज दुनिया भर से लोग इलाज के लिए भारत आ रहे हैं, जो पिछले 12 वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सुधारों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में शिक्षा, इंजीनियरिंग, चिकित्सा विज्ञान और अनुसंधान से जुड़े प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं, जो भविष्य में नई तकनीक, स्वास्थ्य सेवाओं, स्टार्टअप और नवाचार के बड़े केंद्र बन सकते हैं। विकसित भारत की यात्रा में भविष्य की प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देना समय की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री ने अपने हरियाणा दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि जींद-सोनीपत रेलखंड पर देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ देश की तकनीकी प्रगति का प्रतीक है और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने 4,700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें पीजीआईएमईआर में एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर तथा एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर का उद्घाटन, 150 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक की आधारशिला, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज और सरकारी कॉलेज सेक्टर-46 के छात्रावासों की परियोजनाएं तथा आईटी सिटी-कुराली छह लेन ग्रीनफील्ड हाई-वे, जीरकपुर ग्रीनफील्ड बाईपास और पीआर-7 स्पर कॉरिडोर जैसी प्रमुख सड़क अवसंरचना परियोजनाएं शामिल हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार