उत्तर-पश्चिम भारत में छह दिन तक मानसून रहेगा सक्रिय, कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

युगवार्ता    18-Jul-2026
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प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 18 जुलाई (हि.स.)। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तर-पश्चिम भारत समेत देश के कई हिस्सों में अगले छह से सात दिनों तक मानसून के सक्रिय बने रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले छह दिनों के दौरान रुक-रुक कर झमाझम बारिश होने की संभावना है। वहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने मध्य, पूर्वी, पूर्वोत्तर और पश्चिम भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी भी जारी की है।

आईएमडी के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार को दोपहर या शाम के समय हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि बारिश के बावजूद लोगों को उमस और गर्मी से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। 20 और 21 जुलाई को भी मौसम का रुख लगभग ऐसा ही बना रहेगा, हालांकि तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव संभव है।

मौसम विभाग ने आज के लिए भी दिल्ली में हल्की बारिश की संभावना जताई थी। दिनभर कुछ इलाकों में हल्की फुहारें और बूंदाबांदी तो हुई, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में उमस भरी गर्मी बनी रही। बादलों की आवाजाही के बावजूद लोगों को अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी।

मौसम विभाग ने बताया कि अगले छह से सात दिनों तक उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून की गतिविधियां तेज रहेंगी। इस दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में 19 से 21 जुलाई के बीच अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके विपरीत पश्चिम-मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की गतिविधियों में कुछ कमी आने का अनुमान है।

पूर्वानुमान के अनुसार, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले छह दिनों तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है। वहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पर्वतीय क्षेत्रों में तेज और झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने तथा मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है।

आईएमडी ने मध्य भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। विभाग का कहना है कि लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, शहरी क्षेत्रों में यातायात बाधित होने, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन तथा कुछ स्थानों पर स्थानीय बाढ़ जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। तेज हवाओं के कारण बिजली आपूर्ति और सामान्य जनजीवन भी प्रभावित होने की आशंका है।

इसके अलावा तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 19 से 24 जुलाई तक तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं तेलंगाना में 19 से 22 जुलाई के बीच तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है। दूसरी ओर हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में बारिश के बावजूद गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने की संभावना व्यक्त की गई है।

मौसम विभाग की ओर से जारी वर्षा के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ और मेघालय में 21 सेंटीमीटर तक अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई। पंजाब, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, कोंकण-गोवा, ओडिशा, बिहार, त्रिपुरा, तटीय एवं दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश-यनम तथा केरल के कई हिस्सों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी वर्षा दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें, जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतें तथा स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा मौसम बुलेटिन एवं परामर्शों का पालन करें। विभाग ने विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

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