उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, केदारनाथ पैदल मार्ग पर आवाजाही बहाल

19 Jul 2026 19:40:53
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर पैदल आवाजाही।


-चारधाम मार्गों पर सतर्कता बढ़ी, दून में स्कूल बंद

देहरादून, 19 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश का असर चारधाम यात्रा पर बना हुआ है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर यात्रियों की आवाजाही बहाल कर दी गई है, लेकिन भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में अब भी 96 सड़कें बंद हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके मद्देनजर सरकार और जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव और आपदा प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे राज्य की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा राहत एवं बचाव कार्यों में तत्परता बरतने के निर्देश दिए हैं।

रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन के अनुसार, केदारनाथ पैदल मार्ग को फिलहाल पैदल यात्रियों के दोतरफा आवागमन के लिए खोल दिया गया है,जबकि घोड़ा-खच्चरों का संचालन एकतरफा व्यवस्था के तहत कराया जा रहा है। लगातार वर्षा के कारण मार्ग के कई संवेदनशील हिस्सों में पहाड़ियों से बोल्डर और पत्थर गिरने की घटनाएं हो रही हैं। ऐसे स्थानों पर संबंधित विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल मार्ग को सुरक्षित बनाने का कार्य किया जा रहा है।

श्री केदारनाथ धाम में पिछले 24 घंटे (18 जुलाई सायं 5 बजे से 19 जुलाई सायं 5 बजे तक) के दौरान कुल 1,097 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार दर्शन करने वालों में 707 पुरुष, 374 महिलाएं और 16 बच्चे शामिल हैं। इस अवधि में कोई भी विदेशी श्रद्धालु दर्शन के लिए नहीं पहुंचा। इसके साथ ही इस यात्रा सत्र में अब तक कुल 14,09,668 श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवाड़ ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए पूरे केदारनाथ पैदल मार्ग पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, वाईएमएफ और न्यू टास्क फोर्स की टीमें तैनात हैं। गौरीकुंड, चिरबासा, भीमबली, लिनचोली और बड़ी लिनचोली समेत सभी संवेदनशील स्थानों पर आपदा प्रबंधन दल लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से केवल अधिकृत दिशा-निर्देशों का पालन करने और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही यात्रा करने की अपील की है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) की शाम की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में एक राष्ट्रीय राजमार्ग, एक बीआरओ मार्ग, चार राज्य राजमार्ग, 32 प्रमुख जिला मार्ग और 58 ग्रामीण सड़कों सहित कुल 96 सड़कें बंद हैं। सभी अवरुद्ध मार्गों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के कई जिलों में अगले पांच दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार नैनीताल,चम्पावत और ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है, जबकि देहरादून,टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और चमोली में भी भारी वर्षा के साथ आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौर पड़ सकते हैं। चेतावनी दी है कि लगातार बारिश से भूस्खलन, चट्टानें गिरने, नदियों और गदेरों के जलस्तर में वृद्धि, सड़क अवरोध और चारधाम यात्रा सहित पर्वतीय क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हो सकती है। लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां कहीं भी भारी बारिश, भूस्खलन या सड़क बंद होने जैसी स्थिति उत्पन्न हो, वहां प्रशासन तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करे। सड़क, बिजली, पेयजल और संचार जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने और चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इस बीच, देहरादून जिले में भारी से अत्यधिक भारी बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन ने सोमवार को कक्षा एक से 12 तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी विद्यालयों तथा सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है। प्रशासन ने नागरिकों और यात्रियों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

----

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

Powered By Sangraha 9.0