मिलवर्क्स टेक के शेयरों ने निवेशकों को किया मालामाल, पहले दिन ही लगभग दोगुना हुआ पैसा

21 Jul 2026 11:13:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 21 जुलाई (हि.स.)। एयरोस्पेस, डिफेंस, रेलवे और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए हाई-एक्यूरेसी वाले मशीनी पार्ट्स और सब असेंबली बनाने वाली प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने जबरदस्त मजबूती के साथ एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों के पैसे को लगभग दोगुना कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 331 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 90 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 628.90 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद हुई लिवाली के कारण कंपनी के शेयर थोड़ी देर में ही उछल कर 660.30 रुपये के अपर सर्किट लेवल पर पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 329.30 रुपये यानी 99.49 प्रतिशत का फायदा हो गया।

मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज का 160.34 करोड़ रुपये का आईपीओ 14 से 16 जुलाई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से बंपर रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 219.54 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 194.05 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 260.37 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 216.60 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 48.44 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नई मशीनरी खरीदने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1.95 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 5.25 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 37.06 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 9.40 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 22.42 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी को 153.40 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 4.57 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 9.63 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के अंत तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 17.02 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी रॉकेट के रफ्तार से बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 2.33 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 23.31 करोड़ रुपये हो गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी का नेटवर्थ जोरदार उछाल के साथ 51.05 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी जबरदस्त बढ़त हासिल करने में सफल रही। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 2.28 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 23.25 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। जबकि पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 69.90 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 2.78 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 7.89 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 56.30 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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