मणिपुर में केसीपी (पीडब्ल्यूजी) के 46 उग्रवादियों ने किया आत्मसमर्पण, 28 अत्याधुनिक हथियार भी सौंपे

21 Jul 2026 19:33:53
मणिपुर में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 46 केसीपी उग्रवादियों के आत्मसमर्पण का दृश्य


मणिपुर में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 46 केसीपी उग्रवादियों के आत्मसमर्पण का दृश्य


इंफाल, 21 जुलाई (हि.स.)। मणिपुर में उग्रवाद विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को सोमवार को बड़ी सफलता मिली। प्रतिबंधित संगठन कांगलैपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) (पीपुल्स वॉर ग्रुप) के 46 सक्रिय कैडरों ने मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह की उपस्थिति में इंफाल ईस्ट जिले के मंत्रिपुखरी स्थित असम राइफल्स (साउथ) मुख्यालय में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ने का फैसला किया। इस दौरान उग्रवादियों ने 28 अत्याधुनिक हथियारों के साथ बड़ी मात्रा में गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री भी सुरक्षा बलों को सौंप दी।

आत्मसमर्पण कार्यक्रम में राज्य सरकार के गृह मंत्री, कला एवं संस्कृति तथा पर्यटन मंत्री के अलावा कई वरिष्ठ प्रशासनिक एवं सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहे। इनमें मणिपुर सरकार के मुख्य सचिव, सुरक्षा सलाहकार, स्पियर कॉर्प्स के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी), मणिपुर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), असम राइफल्स (साउथ) के महानिरीक्षक (आईजी), गृह आयुक्त, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के उपमहानिरीक्षक (डीआईजी), विधायक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल थे।

आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों ने स्वेच्छा से 28 हथियार सुरक्षा बलों के हवाले किए। इनमें एके श्रृंखला की राइफलें, .303 राइफलें, इंसास राइफल, सेल्फ लोडिंग राइफल (एसएलआर), कार्बाइन, पिस्तौल, डबल बैरल और सिंगल बैरल बंदूकें तथा रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) लॉन्चर शामिल हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में मैगजीन, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई।

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह आत्मसमर्पण इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इस समूह के सदस्य पहले किसी भी शांति समझौते का हिस्सा नहीं रहे हैं। कांगलैपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) की स्थापना 14 अप्रैल 1980 को वाई. इबोहानबी और इबोपिशाक ने की थी। समय के साथ वैचारिक मतभेदों के कारण संगठन कई गुटों में बंट गया, जिनमें पीपुल्स वॉर ग्रुप (पीडब्ल्यूजी) सबसे सक्रिय और हिंसक गुटों में से एक माना जाता रहा है। इस गुट की गतिविधियां मुख्य रूप से इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट और काकचिंग सहित घाटी के कई जिलों तक सीमित रही हैं।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि अतीत में केसीपी (पीडब्ल्यूजी) के पांच से 12 सदस्य ही अलग-अलग समय पर आत्मसमर्पण करते रहे हैं। ऐसे में एक साथ 46 सक्रिय कैडरों का हथियार डालना अभूतपूर्व घटना है। हालांकि अधिकारियों ने यह दावा नहीं किया कि इससे संगठन पूरी तरह समाप्त हो गया है, लेकिन उनका मानना है कि इस घटनाक्रम से संगठन की परिचालन क्षमता और उसके नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है, जिससे घाटी क्षेत्र में उसकी गतिविधियां और प्रभाव काफी कमजोर पड़ने की संभावना है।

अधिकारियों के अनुसार यह सफलता असम राइफल्स, मणिपुर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पिछले कई सप्ताह से चलाए जा रहे समन्वित अभियान का परिणाम है। राज्य सरकार के सहयोग और सुरक्षा बलों के संयमित एवं जन-केंद्रित दृष्टिकोण ने उग्रवादियों को हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस सामूहिक आत्मसमर्पण से राज्य में लंबे समय से प्रभावित विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण में आ रही बाधाएं कम होंगी और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा तथा सामाजिक-आर्थिक विकास को नई मजबूती मिलेगी।----------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

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