असम बाढ़ : 11 जिलों की 7 लाख आबादी प्रभावित, छह और शव मिले

24 Jul 2026 09:29:53
असम बाढ़ का दृश्य


गुवाहाटी, 24 जुलाई (हि.स.)। असम में लगातार बरसात की वजह से बाढ़ के हालात बेहद गंभीर हो गये हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की ओर से जारी बीते 23 जुलाई के आंकड़ों के अनुसार राज्य में 06 और लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इस तरह राज्य में अब तक मरने वालों की कुल संख्या 47 हो गयी है। असम में खतरे के निशान से ऊपर बहने वाली नदियों में बुढ़ीदिहिंग (चेनिमारी, खोवांग), दिसांग (नंगलामुराघाट), दिखौ (शिवसागर), धनसिरी (नुमालीगढ़), कुशियारा (श्रीभूमि) शामिल हैं।

बीते गुरुवार रात हुई भारी बरसात के चलते गुवाहाटी के निचले इलाकों में भारी जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी। सड़कों पर भारी जल जमाव के चलते यातायात प्रभावित हुआ। जिसके चलते लोगों को अपने घर पहुंचने के लिए अलग-अलग इलाकों में जाम में देर तक फंसना पड़ा। जल जमाव का असर आज भी गुवाहाटी के विभिन्न हिस्सों में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा स्वयं बाढ़ से सबसे प्रभावित शिवसागर, चराईदेव एवं जोरहाट जिलों का बुधवार काे दौरा करने के बाद गुरुवार को गोलाघाट एवं डिब्रूगढ़ जिलों में बनाए गये राहत शिविर एवं नुकसान वाले इलाकों का दौरा कर जायजा लिया। उन्होंने प्रभावितों से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया। वहीं, असम सरकार के मंत्री बिमल बोरा, केशव महंत, अजंता नेओग, अतुल बोरा एवं विधायक लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर लोगों को राहत पहुंचाने के कार्य में जुटे हुए हैं।

बाढ़ से वर्तमान समय में कुल 11 जिले प्रभावित हुए हैं। जिसमें गोलाघाट, होजई, कामरूप, चराइदेव, जोरहाट, डिब्रूगढ़, शिवसागर, नगांव, कामरूप (मेट्रो), कार्बी आंगलोंग, तिनसुकिया शामिल हैं। बाढ़ से 11 जिलों के 37 राजस्व मंडलों के कुल 883 गांव प्रभावित है। राज्य की कुल 721024 आबादी एवं 25375.443 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है।

राज्य सरकार ने बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए कुल 103 राहत शिविर एवं 255 राहत वितरण केंद्र समेत कुल 358 शिविर स्थापित किये गये हैं। राहत शिविरों में 24124 लोग आश्रय लिए हुए हैं। जबकि राहत वितरण केंद्रों पर 239864 गैर-शिविर निवासी राहत प्राप्त कर रहे हैं।

बाढ़ के पानी से 23 जुलाई बरामद शवों की संख्या 06 दर्ज हुई। जिसमें चराईदेव में 02 और शिवसागर में 04 शव बरामद हुए। बाढ़ से प्रभावित जानवरों की कुल संख्या 371609 दर्ज हुई है। जिसमें बड़े 110393, छोटे 78107 एवं मुर्गी-पालन 183109 दर्ज हुए हैं। इस बीच बाढ़ के पानी में कुल 154 जानवर बह गये। जिसमें जोरहाट जिले में 23 एवं चराईदेव जिले में 131 पशु पानी में बह गये हैं।

बाढ़ में राहत एवं बचाय अभियान में एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं (एफ एंड ईएस), सर्कल कार्यालय/स्थानीय प्रशासन, नागरिक सुरक्षा/प्रशिक्षित स्वयंसेवक और अग्निशमन विभाग जुटा हुआ है। वहीं आंशिक रूप से 8 कच्चे घरों को भी गुरुवार को नुकसान होने की जानकारी सामने आई है।

इस बीच बाढ़ प्रभावित इलाकों में राज्य सरकार ने कुल 173 मेडिकल टीमों को तैनात किया। इस दौरान 80 नावें भी राहत कार्य में जुटी रहीं। बाढ़ के पानी में फंसे 4455 लोगों को नावों द्वारा निकाला। वहीं 05 जानवरों को भी नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित शिवसागर जिले में राहत के कार्य में 1 हेलीकॉप्टरों को भी तैनात किया गया।

बाढ़ प्रभावितों के बीच राज्य सरकार की ओर से चावल (क्विंटल में): 2539.523, दाल (क्विंटल में): 551.383, नमक (क्विंटल में): 107.0165, मस्टर्ड ऑयल/सरसों का तेल (लीटर में): 8620.92 साथ ही पशुओं का चारा - गेंहूं का चोकर (क्विंटल में): 2089.57 और पशुओं का चारा - चावल का चोकर (क्विंटल में): 41.02 राहत सामग्री बांटी गई।

बाढ़ से बड़े पैमाने पर सड़क, पुल एवं अन्य आधारभूत ढांचे को नुकसान पहुंचा है। इसको लेकर बजट सत्र में विपक्ष सरकार से चर्चा की मांग कर रहा है। वहीं विधानसभा अध्यक्ष रंजीत दास ने कहा है कि जल्द ही सदन में बाढ़ को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

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