
नई दिल्ली/रायपुर, 24 जुलाई (हि. स.)। छत्तीसगढ़ में रेल संपर्क और माल परिवहन को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा नई दोहरी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दी है।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज शुक्रवार को राज्यसभा में लिखित उत्तर में बताया कि अप्रैल 2025 में 278 किलोमीटर लंबी इस परियोजना को 7,854 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से स्वीकृति दी गई थी।
यह रेल लाइन बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग जैसे व्यस्त रेल सेक्शनों को बाईपास करेगी, जिससे मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की आवाजाही तेज और सुगम होगी। परियोजना छत्तीसगढ़ के आठ जिलों से होकर गुजरेगी और विशेष रूप से बलौदाबाजार जिले को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ेगी। साथ ही खरसिया, जो महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) के कोयला क्षेत्रों का प्रमुख रेल प्रवेश द्वार है, वहां से माल परिवहन को भी नई गति मिलेगी।
परियोजना को 'विशेष रेलवे परियोजना' घोषित किया गया है। इसके लिए लगभग 1,852 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज़ी से जारी है।
रेल मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2026-27 में छत्तीसगढ़ के लिए रेलवे का बजट बढ़कर लगभग 7,470 करोड़ रुपये हो गया है, जो 2009-14 के औसत वार्षिक आवंटन से लगभग 24 गुना अधिक है। वर्ष 2014 से 2026 के बीच राज्य में 1,311 किलोमीटर नई रेल पटरियां चालू की गई हैं।
वर्तमान में राज्य में 48,202 करोड़ रुपये की लागत वाली 36 रेल परियोजनाओं पर कार्य जारी है। इनमें 8 नई रेल लाइन और 28 दोहरीकरण परियोजनाएं शामिल हैं। मंत्रालय ने बताया कि, परियोजनाओं के पूरा होने की समय-सीमा भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृतियों और अन्य तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर