मप्र में बनेंगे 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट, 3 माह में होगा परीक्षा जैसे अन्य मामलों का निराकरण : मोहन यादव

25 Jul 2026 15:51:53
मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव


- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा परिसर में की मीडिया से बातचीत

भोपाल, 25 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समय की जरूरत है कि युवाओं से संबंधित न्यायिक फैसले द्रुत गति से हों। इसके लिए मध्य प्रदेश में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट्स (भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में) बनाये जायेंगे। पेपर लीक और परीक्षा सहित अन्य मामलों का फास्ट ट्रैक कोर्ट में मात्र 3 माह में निराकरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को मध्य प्रदेश विधानसभा स्थित सेंट्रल हॉल में मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार शिक्षक और विद्यार्थी वर्ग के कल्याण से जुड़े सभी विषयों पर अत्यंत गंभीर और संवेदनशील है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और विद्यार्थियों के हित में लगातार महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्हाेंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की जनता के हित में जब भी कोई निर्णय लिया जाता है, मध्य प्रदेश उसे लागू करने और निर्णय के अनुरूप नीतिगत व्यवस्था बनाने वाला पहला राज्य होता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मन में विद्यार्थियों के कल्याण और उनसे जुड़े सभी विषयों को लेकर बेहद सकारात्मक भाव हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही नीट पेपर लीक की खबर सामने आई, उसकी जांच के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की। प्रकरण दर्ज हुआ और देशभर में तेज गति से आरोपिताें की गिरफ्तारियां भी की गईं, फिर दोबारा नीट परीक्षा कराई गई।

उन्हाेंने कहा कि राज्य सरकार पूरी सहानुभूति और संवेदना विद्यार्थियों के साथ है। हम हर परिस्थिति में विद्यार्थियों के साथ खड़े हैं। उन्हाेंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में नीट परीक्षाएं बेहतर और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हों, इसके लिए स्टैंडर्ड ऑफ प्रोटोकॉल्स (एसओपी) तैयार कर सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा मध्य प्रदेश वह राज्य है, जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश में सबसे पहले लागू की गई। पिछले ढाई साल के कार्यकाल में राज्य सरकार ने 3 नए शासकीय विश्वविद्यालय प्रारंभ किए हैं। प्रदेश में विकास की गतिविधियों को गति देकर तेज़ी लाने के साथ-साथ युवाओं और विद्यार्थियों के लिए कल्याण की चिंता कर इनके हित में निर्णय लेना भी हमारा कर्तव्य है।

विद्यार्थियों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय हमारी सरकार ले चुकी है और यह आगे भी लगातार जारी रहेंगी। उन्हाेंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज की संख्या दोगुनी से अधिक हो चुकी है। पूरे देश में पहले मात्र 641 विश्वविद्यालय थे, आज इनकी संख्या बढ़कर 1400 से अधिक हो गई है। मेडिकल एजुकेशन की सीटें भी 50 हजार से बढ़कर 1 लाख से अधिक हो चुकी हैं।

गाैरतलब है कि पेपर लीक और परीक्षा धांधली से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे के लिए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें गठित करने का आदेश जारी किया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 के तहत गठित ये अदालतें परीक्षा संबंधी मुकदमों की त्वरित सुनवाई कर दोषियों को सजा दिलाएंगी। इसके साथ ही, राज्य शासन के विधि विभाग को इस नई व्यवस्था को राज्य भर में तत्काल प्रभाव से लागू करने और आवश्यक ढांचागत व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

इन विशेष अदालतों के अधिकार क्षेत्र में मुख्य रूप से पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 के तहत दर्ज परीक्षा धांधली के मामले आएंगे। राज्य या केंद्र सरकार की अधिकृत जांच एजेंसियों द्वारा दर्ज और जांचे जा रहे सभी परीक्षा संबंधी अपराध अब सीधे इन्हीं अदालतों के दायरे में होंगे। प्रक्रियात्मक देरी को खत्म करने के लिए उच्च न्यायालय ने इन अदालतों को मामलों का सीधा संज्ञान लेने और शुरुआती न्यायिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए 'न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी' की शक्तियां भी सौंप दी हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

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