
नई दिल्ली, 26 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारत में प्राइमरी मार्केट की हलचल लगातार बढ़ रही है। जुलाई में सामान्य कारोबार के बाद अब अगस्त में प्राइमरी मार्केट में तेजी के साथ कारोबार होने की उम्मीद बन गई है। अभी तक के निवेश प्रस्तावों के मुताबिक अगस्त में मेनबोर्ड सेगमेंट में एक दर्जन से अधिक कंपनियां अपने आईपीओ लॉन्च कर सकती हैं। इन आईपीओ के जरिए कंपनियों ने बाजार से लगभग 25,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।
अभीतक जिन कंपनियों द्वारा अगस्त में आईपीओ लाने की लॉन्च करने की पक्की खबर आई है, उनमें क्विक कॉमर्स प्लेटफार्म जेप्टो, हाउसिंग फाइनेंस कंपनी ट्रू होम फाइनेंस, एलीवेट केंपसेज, फुल स्टेक ई-कॉमर्स इनेबलर शिप रॉकेट, इन्नोवेटिव व्यू इंडिया, मिल्की मिस्ट डेरी फूड, धूत ट्रांसमिशन, एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया लिमिटेड (एआरसीआईएल), हाईटेक इंजीनियर्स, गजा अल्टरनेटिव ऐसेट मैनेजमेंट, आरडी इंडस्ट्रीज और लर्न फ्लुएंस एजुकेशन के नाम शामिल हैं।
इस साल अभी तक मेनबोर्ड सेगमेंट में 36 कंपनियां अपने आईपीओ लॉन्च कर चुकी हैं। इनमें से नौ कंपनियां जुलाई के महीने में ही स्टॉक मार्केट में लिस्ट हुई हैं। जुलाई के आखिरी सप्ताह में ही मेनबोर्ड सेगमेंट की कंपनी मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज, जुनिपर ग्रीन एनर्जी और एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स के आईपीओ खुलने वाले हैं।
जानकारों का मानना है कि प्राइमरी मार्केट की तेज हलचल से बाजार के प्रति निवेशकों के बढ़ते भरोसे का पता चलता है। इससे पता चलता है कि शेयर बाजार के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है और प्राइमरी मार्केट की मांग में बढ़ोतरी हो रही है।
धामी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत धामी का कहना है कि कंपनियां भी बाजार की स्थिति और निवेशकों के पॉजिटिव सेंटीमेंट्स के कारण पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद प्राइमरी मार्केट में उतरने का जोखिम ले रही हैं। धामी का मानना है कि बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत के प्राइमरी मार्केट का लॉन्ग टर्म आउटलुक मजबूत बना हुआ है। इसी मजबूती के करण साल 2026 में आईपीओ के जरिए तमाम कंपनियों द्वारा प्राइमरी मार्केट से लगभग 20 अरब डॉलर से अधिक की राशि जुटाने की उम्मीद की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक