
-वायरल वीडियो के बाद पुलिस मुख्यालय की कार्रवाई
सीवान, 27 जुलाई (हि.स.)। नीट पेपर लीक मामले को लेकर बिहार बंद के दौरान सीवान में हुए हिंसक प्रदर्शन के बीच एके-47 से हवाई फायरिंग करने वाले पुलिस जवान को निलंबित कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस मुख्यालय ने विशेष जांच दल (एसआईटी) में तैनात जवान अभिषेक पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
दरअसल, 25 जुलाई को गांधी मैदान और जेपी चौक के आसपास छात्र प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर पथराव किया, बैरिकेडिंग तोड़ दी और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक पुलिस जवान भीड़ के बीच एके-47 से हवाई फायरिंग करता दिखाई दिया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने वायरल वीडियो की जांच कराई। प्रारंभिक जांच के बाद एसआईटी में तैनात जवान अभिषेक पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि मामले की विभागीय जांच जारी है और उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हिंसा में सीवान के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पूरन कुमार झा समेत करीब 40 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। एसपी के पैर में चोट लगी, जबकि कई अन्य पुलिसकर्मी और ड्यूटी पर तैनात पत्रकार भी पथराव में घायल हुए। पुलिस का दावा है कि उपद्रवियों ने पथराव के साथ पुलिस पर फायरिंग भी की थी, जिसके बाद हालात पर काबू पाने के लिए आवश्यक बल प्रयोग किया गया।
घटना के सिलसिले में पुलिस अब तक 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, हजारों अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उनकी पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस बीच मामला राजनीतिक रूप से भी तूल पकड़ चुका है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर हिंदी में पोस्ट करते हुए कहा, पूरा सिस्टम छात्रों के ख़िलाफ़ पूरी तरह से जानलेवा है। ऐसी ख़बरें आ रही हैं कि बिहार में विरोध कर रहे छात्रों पर एके-47 से गोलियां चलाई गई हैं और सैकड़ों लोगों को गिरफ़्तार कर उनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है।
राहुल गांधी के बयान के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। वहीं, वायरल वीडियो के सामने आने और जवान के निलंबन के बाद पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग की परिस्थितियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पूरे मामले की विभागीय जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जवान की कार्रवाई निर्धारित नियमों के अनुरूप थी या नहीं तथा इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।------------
हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma