
अमरावती, 27 जुलाई (हि.स.)। आंध्र प्रदेश के पोल्लावरम जिले में तीन दिन पहले आयोजित मेगा अभिभावक-शिक्षक बैठक (एमपीटीएम) के दौरान मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ मंच साझा करने वाली 10वीं कक्षा की छात्रा मुर्रम शिवानी की सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छात्रा ने कथित तौर पर आत्महत्या की है।
पुलिस के अनुसार, रंपाचोदवरम स्थित जिला परिषद हाई स्कूल की छात्रा मुर्रम शिवानी इर्लापल्ली गांव में अपनी नानी के घर पर रहती थी। वहीं उसने फांसी लगाकर जान दे दी। घटनास्थल से एक हस्तलिखित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उसने अपने माता-पिता से उनके सपनों को पूरा नहीं कर पाने के लिए क्षमा मांगी है। हालांकि, पुलिस ने कहा है कि मृत्यु के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
बताया गया कि शिवानी के माता-पिता कोरुकोंडा में एक होटल में काम करते हैं, जबकि वह अपनी नानी के साथ रहकर रंपाचोदवरम के सरकारी हाई स्कूल में पढ़ाई कर रही थी।
मुर्रम शिवानी ने 24 जुलाई को आयोजित मेगा अभिभावक-शिक्षक बैठक (एमपीटीएम-4.0) में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की उपस्थिति में प्रभावशाली भाषण दिया था। उसने कड़ी मेहनत कर अगले वर्ष 'शाइनिंग स्टार अवार्ड' जीतने की इच्छा व्यक्त की थी। उसके संबोधन से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री ने उसे मंच पर अपने पास बुलाया, अपने बगल में बैठाया और उससे बातचीत भी की थी।
घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। राज्य के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने भी छात्रा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नायडू और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने 24 जुलाई को रंपाचोदवरम के जिला परिषद हाई स्कूल में आयोजित मेगा अभिभावक-शिक्षक बैठक में हिस्सा लिया था। इस दौरान उन्होंने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद किया तथा विद्यार्थियों के साथ दोपहर का भोजन भी किया था।
आंध्र प्रदेश सरकार राज्य के सरकारी विद्यालयों में मेगा अभिभावक-शिक्षक बैठक (एमपीटीएम) कार्यक्रम का आयोजन कर रही है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के लिए अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी को मजबूत बनाना है।------------
हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj