
नई दिल्ली, 27 जुलाई (हि.स.)। एग्जीबिशन और ट्रेड शो के लिए मॉड्यूलर एग्जीबिशन बूथ की डिजाइनिंग और निर्माण से लेकर उसका प्रबंधन तक करने वाली कंपनी प्रॉपशॉप इवेंट्स एंड एग्जीबिशंस लिमिटेड का 28.57 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 29 जुलाई तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 30 जुलाई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 31 जुलाई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर तीन अगस्त को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने के बाद पहले दिन ये आईपीओ सिर्फ चार प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 65 रुपये प्रति शेयर से लेकर 69 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 2,000 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 4,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,76,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 41.4 लाख शेयर बेचे जा रहे हैं। इनमें ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे लगभग छह करोड़ रुपये के आठ लाख शेयर भी शामिल हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 28.55 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 37.10 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए भी 29.13 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.22 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए यूनिस्टोन कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमयूजीएफ इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं बुलपल्स मार्केटेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
प्रॉपशॉप इवेंट्स एंड एग्जीबिशंस लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 97 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2.19 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 6.32 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक कंपनी को 6.46 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 25.93 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 30.57 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 51.59 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक कंपनी को 59.94 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 1.04 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2.24 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 8.56 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 6.49 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 1.05 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 4.17 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 11.32 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक ये 17.78 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 1.28 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 2.95 करोड़ रुपये और 2024-25 में 8.55 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक ये 8.93 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ की बात करें तो 2022-23 में कंपनी पूरी तरह से कर्ज मुक्त थी। 2023-24 के अंत तक कंपनी पर 43 लाख रुपये का कर्ज लद गया था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 63 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसके अगले वित्त वर्ष यानी 2025-26 में कंपनी ने कर्ज के बोझ को पूरी तरह खत्म कर दिया। फिलहाल कंपनी एक बार फिर पूरी तरह से कर्ज मुक्त हो चुकी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक